देश के तीन अलग-अलग राज्यों की तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव के लिए मतदान सुबह 7 बजे से सुचारू रूप से शुरू हो गया है जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. जिन सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं उनमें बिहार की बहुचर्चित बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट शामिल हैं. इन तीनों सीटों के चुनावी नतीजे आगामी 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. यूं तो तीनों ही सीटें राजनीतिक रूप से काफी अहम हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बिहार की बांकीपुर सीट बटोर रही है जहां से जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस हाई-प्रोफाइल सीट के चुनाव ने पटना से लेकर सीधे दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों की धड़कनों को बढ़ा दिया है.
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की एंट्री और पुलिस कार्रवाई पर संग्राम
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहा यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर हो रहा है, जिसके चलते यह चुनाव और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है. मतदान शुरू होने से ठीक पहले बांकीपुर का सियासी पारा तब सातवें आसमान पर पहुंच गया जब जन सुराज पार्टी के नेताओं की कथित हिरासत को लेकर रातभर भारी हंगामा देखने को मिला. जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने खुद मीडिया के सामने आकर पूरी घटना की कहानी बयां की और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. प्रशांत किशोर का कहना है कि उनकी पार्टी के 16 से अधिक नेताओं को पुलिस ने देर शाम तक परेशान किया और उन्हें अलग-अलग थानों में घुमाया गया. रातभर की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पता चला कि उनके नेताओं को दानापुर शिफ्ट किया गया है. उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है ताकि उनकी पार्टी के लोग चुनाव के दिन सक्रिय न रह सकें. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भाजपा की जमीन खिसक चुकी है और अपनी आसन्न हार को देखकर वे इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं.
किदवईपुरी में भिड़े बीजेपी और जन सुराज के समर्थक
मतदान के दौरान बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के किदवईपुरी इलाके में तनाव का माहौल देखने को मिला, जहां भाजपा और जन सुराज के समर्थक आपस में भिड़ गए. दोनों पक्षों के बीच पुलिस के बिल्कुल सामने ही जमकर धक्का-मुक्की हुई. जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पूर्व प्रत्याशी बंटी बूथ पर अपनी दबंगई दिखा रहे हैं और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, मौके पर मुस्तैद पटना पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया. तनाव के इस माहौल के बीच दिग्गजों का मतदान करने का सिलसिला भी जारी रहा. बांकीपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी. ठाकुर और भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कन्या माध्यमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. वहीं, दूसरी ओर जदयू विधायक श्याम रजक ने भी सुबह-सुबह अपने पूरे परिवार के साथ पोलिंग बूथ पर पहुंचकर वोट डाला और सभी आम जनता से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का बढ़-चढ़कर इस्तेमाल करने की जोरदार अपील की.
फर्जी वोटिंग के आरोपों पर गरमाई सियासत, भाजपा ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
मतदान के इस महाकुंभ के बीच बांकीपुर सीट पर फर्जी मतदान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो मतदाता क्षेत्र में मौजूद नहीं हैं या बाहर हैं, उनके फर्जी मतदाता पहचान पत्र तैयार करवाकर बड़े पैमाने पर फर्जी वोट डलवाने की तैयारी की जा रही है. इस मामले को लेकर भाजपा ने प्रशासन को लिखित शिकायत सौंप दी है, जिसके बाद प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है. इसी कड़ी में भाजपा बिहार के राज्य महासचिव नितिन अभिषेक ने बांकीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर को औपचारिक पत्र लिखकर मांग की है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान वोटर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बेहद सख्त की जाए. पत्र में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर मतदाता अपना असली पहचान पत्र दिखाए और आधिकारिक वोटर लिस्ट से उसके नाम का बारीकी से मिलान किया जाए ताकि चुनाव की निष्पक्षता बरकरार रह सके.
दतिया और मांजलपुर सीट पर भी कांटे की टक्कर
मध्य प्रदेश की हॉट सीट बन चुकी दतिया विधानसभा उपचुनाव पर भी सबकी पैनी नजरें टिकी हुई हैं. यहां मध्य प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद से ही भारी राजनीतिक बवाल मचा हुआ था. दतिया से भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मतदान के बाद दावा किया है कि क्षेत्र की जनता पूरी तरह से विकास, सुशासन और समग्र प्रगति के पक्ष में मतदान कर रही है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल के नेता अब राजनीतिक रूप से पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं. बात अगर गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट की करें तो यहां भी भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी और कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. भाजपा ने इस सीट से सतीश पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं कांग्रेस ने गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री भीखाभाई रबारी को चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है. मांजलपुर सीट पर कुल 2 लाख 60 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, और इन तीनों सीटों के असल हकदार कौन होंगे इसका फैसला 3 अगस्त को आने वाले चुनाव परिणाम ही तय करेंगे.














