दिल्ली में घुसपैठ की बड़ी साजिश नाकाम! स्पेशल सेल ने दबोचे पाक समर्थित नेटवर्क के 7 गुर्गे, सोशल मीडिया पर युवाओं को बनाते थे शिकार

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने और पंजाब के रास्ते नशे का जाल फैलाने की एक बहुत बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बेहद खुफिया और सर्जिकल ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान समर्थित एक बहुत बड़े आतंकी और आपराधिक सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए नेटवर्क से जुड़े 7 खतरनाक गुर्गों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी सीमा पार पाकिस्तान में बैठे कुख्यात हैंडलर शाहजाद भट्टी और उसके जोड़ीदार अजमल गुज्जर के सीधे इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

ड्रोन से मंगवाते थे हथियार, स्कॉर्पियो और भारी कारतूसों का जखीरा बरामद

पकड़े गए आरोपियों के पास से जो सामान मिला है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। स्पेशल सेल ने इनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, 7 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि ये सभी अवैध हथियार, कारतूस और हेरोइन जैसे घातक नशीले पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में गिराए जाते थे। वहां से यह गैंग खेप को रिसीव करता था और सुरक्षित रास्तों से होते हुए दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सप्लाई करता था।

रील और अपराध की चमक-दमक दिखाकर सोशल मीडिया से भर्ती

दिल्ली पुलिस की जांच में इस सिंडिकेट के काम करने के तरीके (Modus Operandi) को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके दिल्ली और पंजाब के भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। युवाओं को अपराध की दुनिया की झूठी चमक-दमक, हथियारों के साथ रील्स और रातों-रात लखपति बनने का लालच देकर इस दलदल में धकेला जाता था। एक बार जब युवा इनके जाल में आ जाते, तो उन्हें हथियारों की डिलीवरी और ड्रग्स तस्करी जैसे देशविरोधी कामों में झोंक दिया जाता था।

दिल्ली-गाजियाबाद की हो चुकी थी रेकी, वीडियो पाक भेजे

स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मई 2026 में एक बेहद पुख्ता इनपुट मिला था कि शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर भारत में किसी बड़े हमले या टारगेट किलिंग की फिराक में हैं। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और सबसे पहले इस गिरोह के मुख्य गुर्गे मोहित उर्फ योगी को दबोच लिया। योगी के फोन से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के कई चैट और वॉयस नोट मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गैंग दिल्ली, गाजियाबाद और एनसीआर के कई अति-संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी कर चुका था। इन जगहों के वीडियो और तस्वीरें बकायदा पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेजी जा चुकी थीं, जिन्हें देखकर वहां हमले का फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार हो रहा था। पुलिस की समय रहते हुई इस कार्रवाई से राजधानी में एक बड़ा आतंकी हमला टल गया है।

कई मुकदमों के पुराने पापी हैं आरोपी, अब फंडिंग चेन पर वार

इस गिरोह में शामिल ज्यादातर आरोपी कोई नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पकड़े गए बदमाशों पर पहले से ही दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (ड्रग्स) एक्ट के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी तोड़ने में जुट गई है। पुलिस की कई टीमें इस सिंडिकेट को होने वाली टेरर फंडिंग के स्रोतों, पंजाब के स्थानीय सप्लायरों और फरार चल रहे बाकी आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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