
नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह जलजमाव के चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट और लाल किले तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इस बीच इंटरनेट पर दिल्ली के लाल किला की एक मुगलकालीन पेंटिंग पुरानी और आज की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। दोनों की तुलना कर दिखाया गया है कि कैसे यमुना नदी कभी सचमुच में लाल किले की पिछली दीवार के पास से होकर बहती थी।
बाढ़ के बाद वह एक बार फिर लाल किले की पिछली दीवारों से सटकर बह रही है। इसे तस्वीर को देख नेटिजेन्स बोल रहे हैं कि नदी कभी अपना रास्ता नहीं भूलती। मनुष्य भले ही नदी के फ्लड प्लेन पर अतिक्रमण कर उसके बहाव को सीमित कर दे। लेकिन नदी कभी न कभी अपनी खोई जमीन वापस लेती है और पुराने शबाद में बहती है। नेटिजेन्स कह रहे कि दिल्ली में यमुना ने भी अपना पुराना रास्ता ढूंढा है, आज वह मनुष्यों द्वारा कब्जाई गई जमीन पर बह रही है।
सबसे पहले ट्विटर यूजर हर्ष वत्स ने बाढ़ में डूबे लाल किले के दृश्य और मुगलकालीन पेंटिंग की यह तस्वीर शेयर की। उन्होंने तब का नजारा दिखाया, जब यमुना नदी प्राकृतिक रूप से बहती थी। ट्विटर यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘एक नदी कभी नहीं भूलती! दशकों और सदियां बीत जाने के बाद भी, नदी अपनी सीमाओं पर फिर से कब्जा करने के लिए वापस आती है। यमुना ने अपने बाढ़ क्षेत्र को पुनः प्राप्त कर लिया है।














