नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने एक ऐसा ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है जिसने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट (Falta Seat) पर हुए मतदान को आयोग ने अमान्य घोषित करते हुए सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग (Repoll) कराने का आदेश दिया है। आयोग का कहना है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान यहां ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित’ किया गया था, जिसके चलते निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
कब और कहां होगी वोटिंग? मतगणना की तारीख भी बदली
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग स्टेशनों (सहायक बूथों सहित) पर अब 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक फिर से मतदान होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जहां राज्य की बाकी 293 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित कर दिए जाएंगे, वहीं फाल्टा सीट की मतगणना 24 मई को होगी। यानी बंगाल की सत्ता की तस्वीर तो 4 मई को साफ हो जाएगी, लेकिन फाल्टा का फैसला सबसे आखिरी में आएगा।
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला? ‘टेप और डराने’ के लगे आरोप
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक दलों की शिकायतों के अनुसार, कई बूथों पर EVM के बटनों पर काला टेप चिपका दिया गया था ताकि मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट न दे सकें। इसके अलावा, फाल्टा के हाशिमनगर जैसे इलाकों में मतदाताओं को डराने-धमकाने और शारीरिक रूप से मतदान रोकने के गंभीर मामले सामने आए। चुनाव आयोग ने इसे ‘चुनावी अपराध’ मानते हुए पूरे विधानसभा क्षेत्र में चुनाव रद्द करने का असाधारण निर्णय लिया।
अभिषेक बनर्जी की ललकार: “फाल्टा आओ, मैं चुनौती देता हूं”
इस फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘बंगाल विरोधी साजिश’ करार दिया। अभिषेक ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, “तुम्हारी ‘बंगाल विरोधी गुजराती गैंग’ और उनके कठपुतली ज्ञानेश कुमार के लिए दस जन्म भी कम पड़ जाएंगे मेरे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ को जरा सा भी नुकसान पहुंचाने के लिए। जो कुछ तुम्हारे पास है, ले आओ। मैं पूरे भारत संघ को चुनौती देता हूं- फाल्टा आओ।”
BJP बनाम TMC: हिंसा और आरोपों की जंग
मतदान के दिन फाल्टा में भारी हिंसा देखने को मिली थी। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बूथ कैप्चरिंग की और उनके समर्थकों को पीटा। वहीं, टीएमसी का कहना है कि बीजेपी हार के डर से केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने अब राज्य में 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं ताकि पुनर्मतदान और मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके।














