महराजगंज (सोनौली बॉर्डर): उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सोनौली बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने एक अमेरिकी नागरिक को उस समय धर दबोचा, जब वह बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के अवैध तरीके से नेपाल में घुसने की फिराक में था. खुफिया एजेंसियां और पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच में जुट गई हैं.
कैलिफोर्निया का रहने वाला है आरोपी, पूछताछ में उगली चौंकाने वाली दास्तान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पकड़े गए विदेशी नागरिक की पहचान अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के बाद जब सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने उससे सख्त पूछताछ शुरू की, तो उसने एक बेहद हैरान करने वाली कहानी बयां की. जॉर्डन ने दावा किया कि कुछ समय पहले वह थाईलैंड घूमने गया था, जहां उसका पासपोर्ट कहीं खो गया. इसके बाद वह किसी तरह श्रीलंका पहुंचा और वहां से नवंबर 2025 में समुद्र के रास्ते अवैध रूप से भारतीय जल सीमा में दाखिल हो गया.
श्रीलंका से सीधे पहुंचा गोवा, अब नेपाल भागने की फिराक में था जॉर्डन
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर भारत में दाखिल होने के बाद जॉर्डन ब्राउन सीधे देश की टूरिस्ट कैपिटल कहे जाने वाले गोवा चला गया. वह पिछले कई महीनों से गोवा में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. हाल ही में वह गोवा से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्थित सोनौली बॉर्डर पहुंचा. यहां से वह चुपके से नेपाल पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी वहां मुस्तैद इमिग्रेशन अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने उसे संदिग्ध मानकर रोक लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से भारत में रहने या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिला.
इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, खुफिया एजेंसियां अलर्ट
बिना जरूरी दस्तावेजों के भारत में रहने और अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा लांघने के आरोप में अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस और देश की शीर्ष खुफिया एजेंसियां फिलहाल आरोपी के बयानों की सत्यता की जांच कर रही हैं. अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि जॉर्डन की बताई कहानी में कितनी सच्चाई है और क्या वह किसी संदिग्ध या देश विरोधी इरादे से भारत में दाखिल हुआ था.












