नई दिल्ली। अक्सर नौकरी बदलने, नया शहर बसने, मोबाइल नंबर चेंज होने या फिर परिवार के किसी सदस्य के असमय निधन के बाद पुराने बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड और शेयरों में जमा रकम लोगों की नजरों से छूट जाती है। सालों बीत जाने पर लोग इन पैसों को भूल जाते हैं और उनकी गाढ़ी कमाई बैंकों व वित्तीय संस्थानों में धूल फांकती रहती है। हालांकि, सही जानकारी, सही प्रक्रिया और थोड़े से कागजी काम के साथ इस लावारिस पड़े पैसे को आप फिर से अपने बैंक खाते में हासिल कर सकते हैं।
1. बैंक खाते और FD: उद्गम (UDGAM) पोर्टल आएगा काम
यदि आपने किसी बैंक में खाता खोला था या एफडी कराई थी और लगातार 10 सालों तक उसमें कोई लेन-देन नहीं हुआ, तो बैंक उस रकम को ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ (Unclaimed Deposit) मानकर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ‘डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड’ में स्थानांतरित कर देता है।
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कैसे खोजें अपना पैसा: आरबीआई के आधिकारिक UDGAM (उद्गम) पोर्टल पर जाकर आप आसानी से देश के प्रमुख बैंकों में पड़ी अपनी बिना दावे वाली रकम को सर्च कर सकते हैं।
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पैसा वापस पाने का तरीका: UDGAM पर अपनी अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी मिलने के बाद, संबंधित बैंक की शाखा से संपर्क करें। वहां अपना आवेदन पत्र, दावों से जुड़े दस्तावेज और अपडेटेड KYC जमा कर आप अपनी पूरी राशि वापस पा सकते हैं।
2. म्यूचुअल फंड, शेयर और PF: ‘मित्रा’ (MITRA) प्लेटफॉर्म से मिलेगी मदद
केवल बैंक खाते ही नहीं, बल्कि कई बार लोग पुराने म्यूचुअल फंड फोलियो, शेयर (Dividends) और ईपीएफ (EPF) खातों को भी भूल जाते हैं।
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म्यूचुअल फंड के लिए: पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) के MITRA प्लेटफॉर्म की मदद से आप अपने पुराने, निष्क्रिय या भूले हुए म्यूचुअल फंड फोलियो का पता लगा सकते हैं।
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शेयर और डिविडेंड के लिए: अगर लंबे समय से किसी शेयर का लाभांश नहीं मिला है, तो आप IEPF (इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड) की वेबसाइट पर जाकर इसका दावा कर सकते हैं।
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बीमा और पीएफ: पुरानी एलआईसी (LIC) या अन्य इंश्योरेंस पॉलिसियों के अनक्लेम्ड अमाउंट के लिए संबंधित बीमा कंपनी के पोर्टल पर पैन (PAN) या जन्म तिथि डालकर सर्च करें।
3. रिकॉर्ड अपडेट रखें और साइबर ठगी से बचें
एक बार अपनी पुरानी जमा राशि या निवेश वापस मिल जाने के बाद कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतें:
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KYC और नॉमिनी: अपने सभी एक्टिव खातों में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, नया पता, अपडेटेड KYC और नॉमिनी (Nominee) का नाम तुरंत दर्ज कराएं।
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पारिवारिक रिकॉर्ड: अपने सभी बैंक खातों, बीमा पॉलिसी और निवेश का एक लिखित या डिजिटल रिकॉर्ड बनाएं और इसकी जानकारी परिवार के किसी बेहद भरोसेमंद सदस्य के साथ साझा करें।
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ठगी से सावधान: लावारिस पैसा वापस दिलाने का झांसा देने वाले फ्रॉड एजेंटों से बचें। अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें। दावा हमेशा आधिकारिक सरकारी पोर्टल या बैंक शाखा के जरिए ही करें।












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