
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद भावुक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां के चरखारी इलाके में एक प्रेमी युगल ने जाति की दीवारों और समाज के बंधनों से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। गैर-बिरादरी (अलग जाति) के होने के कारण जब दोनों के परिवार शादी के लिए राजी नहीं हुए, तो इस प्रेमी जोड़े ने खेत में लगे एक आम के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि मौत को गले लगाने से ठीक पहले दोनों ने एक-दूसरे से शादी की थी, क्योंकि मृतका की मांग में ताजा सिंदूर भरा हुआ मिला है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
बुधवार की शाम से लापता थे दोनों, सुबह खेत में लटके मिले शव
दिल को झकझोर देने वाली यह घटना चरखारी थाना क्षेत्र के ग्राम सबुआ की है। गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ निकले, तो उन्होंने गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक खेत में आम के पेड़ से दुपट्टे के फंदे के सहारे दो शवों को लटके हुए देखा। शवों को देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना चरखारी थाना पुलिस को दी गई। मृतकों की पहचान ग्राम सबुआ निवासी 25 वर्षीय उपेंद्र विश्वकर्मा और चरखारी कस्बे के ज्येंद्र नगर मुहल्ला निवासी 22 वर्षीय आरती कुशवाहा के रूप में हुई है। दोनों बुधवार की शाम से ही अपने-अपने घरों से रहस्यमयी ढंग से गायब थे।
मरने से पहले रचाई शादी: पेड़ के पास मिली कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और मोबाइल
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों ने जो मंजर देखा, उसने सबकी आंखें नम कर दीं। मृतका आरती की मांग में गहरा सिंदूर भरा हुआ था, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों ने दुनिया छोड़ने से ठीक पहले अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए शादी की रस्में निभाई थीं। पेड़ के नीचे जमीन पर एक मोबाइल फोन, कोल्ड ड्रिंक की बोतल और चिप्स के खाली रैपर भी पड़े मिले। माना जा रहा है कि दोनों ने अंतिम पल साथ में बिताए, कुछ खाया-पिया, फिर शादी की और अंत में खौफनाक कदम उठा लिया।
आरा मशीन पर शुरू हुई थी लव स्टोरी, 3 साल से चल रहा था अफेयर
जानकारी के मुताबिक, मृतक उपेंद्र चरखारी कस्बे में स्थित एक आरा मशीन पर काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरती से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और पिछले तीन साल से दोनों का प्रेम प्रसंग चल रहा था। चर्चा है कि कुछ ही दिनों पहले दोनों के परिजनों को इस रिश्ते की भनक लगी थी। लेकिन लड़का विश्वकर्मा समाज से था और लड़की कुशवाहा बिरादरी की थी, जिसके चलते परिवार वाले इस शादी के सख्त खिलाफ थे। परिवार की इसी बेरुखी ने दोनों को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सुबूत
मृतका की मां राजाबाई ने रोते हुए बताया कि आरती बुधवार की शाम 5 बजे घर पर ही अपना मोबाइल छोड़कर दुकान जाने की बात कहकर निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। आरती के पिता मातादीन की चार साल पहले ही कैंसर से मौत हो चुकी है। वहीं, युवक उपेंद्र भी बुधवार रात 8 बजे के बाद से लापता था और उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ चरखारी दीपक दुबे और प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम (Forensic Team) को बुलाकर घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का है, लेकिन शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।










