
नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए एक बड़ी खबर है. मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह पलटने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में देश के कई हिस्सों में मानसून के दोबारा से भयंकर रूप से सक्रिय होने की चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठी नमी से भरे बादलों की एक विशाल फौज तेजी से आगे बढ़ रही है. इस शक्तिशाली वेदर सिस्टम के कारण पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
अगले 24 घंटों में पलटेगी बाजी, बंगाल की खाड़ी में बन रहा ‘लो प्रेशर’
मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील होने वाले हैं. उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हो रहा है. इस चक्रवाती सिस्टम के असर से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश की गतिविधियां काफी तेज होने वाली हैं. आसमान में काले बादलों का डेरा शुरू हो गया है, जो कभी भी बरस सकते हैं.
ओडिशा में 204 मिमी से ज्यादा बारिश का रेड अलर्ट, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
इस बदलते मौसम के बीच IMD ने ओडिशा के लिए सबसे खतरनाक चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने बताया है कि 14 और 15 जुलाई को ओडिशा के कई जिलों में 204 मिलीमीटर से भी अधिक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. इस भारी तबाही वाली बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों में उफान से बाढ़ जैसी स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा पैदा हो गया है. प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है. गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में भी ओडिशा के केंद्रपाड़ा और बिहार के पश्चिम चंपारण में झमाझम बारिश ने दस्तक दी है.
दिल्ली-NCR में बरसेगी सिर्फ ‘उमस’, उत्तर भारत को अभी राहत नहीं
जहां एक तरफ आधा हिंदुस्तान पानी-पानी होने वाला है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को फिलहाल निराशा हाथ लगने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार, इन मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक कोई भारी मानसूनी बारिश की उम्मीद नहीं है, जिससे लोगों को पसीने वाली उमस और तपती गर्मी झेलनी पड़ेगी. हालांकि, स्थानीय सिस्टम के कारण बीच-बीच में बादल छा सकते हैं, हल्की बूंदाबांदी हो सकती है और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है. दिल्ली में इस दौरान अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जो परेशानी बढ़ाएगा.
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की चेतावनी, दक्षिण भारत के इन राज्यों में चलेगी ‘लू’
पहाड़ी राज्यों का रुख करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले और वहां घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए मुश्किल समय है. इन राज्यों में 14 से 19 जुलाई के बीच बारिश का तांडव जारी रहेगा, जिससे पहाड़ों के खिसकने और रास्ते बंद होने की पूरी आशंका है.
दूसरी तरफ, एक बेहद हैरान करने वाला विरोधाभास भी देखने को मिल रहा है. मानसून के सीजन में भी दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में सूरज आग उगल रहा है. IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और रायलसीमा में भीषण लू (Heatwave) चलने का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाली 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है.













