
एक लाख का इनामी खनन माफिया जफर अली शनिवार तड़के मुठभेड़ में अरेस्ट हुआ। CM आज मुरादाबाद पहुंच रहे हैं, उनके कदम रखने से पहले पुलिस मुठभेड़ में माफिया पकड़ा गया। तीन दिन पहले पुलिस टीम पर उसने गोलियां बरसाई थीं, जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। SSP हेमंत कुटियाल ने बताया कि जफर दिल्ली भागने की कोशिश कर रहा था, तभी सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे घेर लिया।
50 हजार से बढ़ाकर एक लाख का इनाम रखा था

खनन माफिया जफर अली के साथ पुलिस की यह मुठभेड़ शनिवार तड़के करीब 5 बजे पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हुई। SSP ने बताया कि जफर अली अपना चेहरा छिपाकर दिल्ली की तरफ जा रहा था। कैलसा रोड पर पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जफर अली के पैर में गोली लगी है। जफर पर बीते दिन ही इनाम की राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए की गई थी। वह मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र में कांकरखेड़ा का रहने वाला है।
12 यूपी पुलिसकर्मियों को उत्तराखंड में बना लिया था बंधक
उत्तराखंड के भरतपुर में खनन माफिया और UP पुलिस के बीच फायरिंग में 12 अक्टूबर की देर शाम भाजपा नेता की पत्नी की मौत हो गई और 6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इस दौरान खनन माफिया ने 12 पुलिसकर्मियों को करीब एक घंटे तक बंधक बनाकर रखा। साथ ही उनके हथियार भी छीन लिए। SOG की कार को भी आग लगा दी। उत्तराखंड पुलिस ने UP पुलिस को किसी तरह वहां से छुड़ाया।
UP पुलिस को 12 अक्टूबर की दोपहर में पता चला कि खनन माफिया जफर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में है। पुलिस ने दबिश दी तो जफर ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। घिरता देख जफर यहां से बॉर्डर क्रॉस कर पास के गांव भरतपुर पहुंच गया।
भाजपा नेता की पत्नी की गोली लगने से हुई थी मौत
UP पुलिस की टीम भी पीछा करते भरतपुर पहुंच गई। शाम साढ़े पांच बजे फिर से दोनों का आमना-सामना हुआ। यहां भी क्रॉस फायरिंग हो रही थी तभी भाजपा नेता गुरताज सिंह भुल्लर की पत्नी गुरजीत कौर (28 साल) इसकी चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई। वे ड्यूटी कर घर लौट रही थीं। गुरजीत सहकारी समिति में लिपिक थीं।
इससे पहले SDM पर हमला फिर पुलिस पर बरसाई थी गोलियां
जफर ने महीनेभर पहले यानी 13 सितंबर की रात भी अपने साथियों के साथ मिलकर SDM ठाकुरद्वारा परमानंद सिंह पर हमला कर दिया था। हमला करने के बाद जफर और उसके साथी SDM से 4 डंपर छीन ले गए थे। ये घटना ठाकुरद्वारा-काशीपुर रोड पर उत्तराखंड की सीमा के नजदीक हुई थी। मुरादाबाद के खनन अधिकारी अशोक कुमार ने इस घटना की FIR ठाकुरद्वारा थाने पर दर्ज कराई थी।
जफर इसी मामले में वांटेड था और उसके ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम मुरादाबाद के डीआईजी शलभ माथुर ने घोषित कर रखा था। 12 अक्टूबर को जफर की लोकेशन मिलने के बाद ठाकुरद्वारा पुलिस और एसओजी ने उसका पीछा किया था। तब जफर ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। पीछा करते यूपी पुलिस उत्तराखंड पहुंच गई थी।














