बिलासपुर: गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने बिलासपुर से शालीमार और नागपुर (इतवारी) से शालीमार के बीच विशेष समर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों के चलने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उनका सफर आरामदायक हो सकेगा।
बिलासपुर-शालीमार समर स्पेशल: रूट और समय सारणी
रेलवे के अनुसार, बिलासपुर से शालीमार के बीच यह ट्रेन 2-2 फेरे लगाएगी।
-
गाड़ी संख्या 08257 (बिलासपुर-शालीमार): यह ट्रेन 25 और 26 अप्रैल 2026 को रात 00:45 बजे बिलासपुर से रवाना होगी। यह चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर, खड़गपुर और संतरागाछी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर 13:45 बजे शालीमार पहुंचेगी।
-
गाड़ी संख्या 08258 (शालीमार-बिलासपुर): वापसी में यह ट्रेन 25 और 26 अप्रैल को शाम 17:45 बजे शालीमार से चलेगी और अगले दिन सुबह 07:30 बजे बिलासपुर वापस आएगी।
20 आधुनिक एलएचबी कोच की सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 20 एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। इसमें हर वर्ग के यात्रियों का ध्यान रखा गया है। ट्रेन में एसी फर्स्ट, एसी सेकंड, एसी थर्ड, एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य कोच शामिल हैं। आधुनिक कोच होने के कारण यात्रा अधिक सुरक्षित और झटकों से मुक्त होगी।
नागपुर (इतवारी) से शालीमार के लिए भी विशेष ट्रेन
बिलासपुर के साथ-साथ नागपुर के यात्रियों के लिए भी राहत की खबर है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी (नागपुर) से शालीमार के बीच भी स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी।
-
गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी-शालीमार): यह ट्रेन 27 अप्रैल 2026 को शाम 17:10 बजे इतवारी से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 14:00 बजे शालीमार पहुंचेगी।
-
गाड़ी संख्या 08866 (शालीमार-इतवारी): वापसी में यह ट्रेन 28 अप्रैल को शाम 18:00 बजे चलेगी और अगले दिन 15:35 बजे इतवारी पहुंचेगी।
21 कोच और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
इतवारी-शालीमार स्पेशल ट्रेन में कुल 21 कोच होंगे। इसमें सामान्य, स्लीपर और एसी श्रेणियों के साथ-साथ लंबी दूरी को देखते हुए पेंट्रीकार की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, रेलवे ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोच का भी प्रावधान किया है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन ट्रेनों के संचालन से गर्मियों के पीक सीजन में भीड़ को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।















