नई दिल्ली. भारतीय रेलवे देश के करोड़ों रेल यात्रियों के सफर को सुगम और हाई-टेक बनाने के लिए डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आगामी 15 जुलाई से भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) की नई और अत्याधुनिक वेबसाइट लॉन्च होने जा रही है। इस बड़े तकनीकी अपग्रेड के बाद ऑनलाइन रेल टिकटों की बुकिंग पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि नई वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को एक आधुनिक, सुगम और बेहद भरोसेमंद डिजिटल सेवा प्रदान करना है।
तत्काल बुकिंग के दौरान सर्वर डाउन और स्लो स्पीड की समस्या होगी जड़ से खत्म
वर्तमान में देश के लाखों यात्री रोजाना आईआरसीटीसी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अपनी यात्रा के लिए टिकट बुक करते हैं। लेकिन विशेष रूप से सुबह तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट पर एक साथ लाखों उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) का ट्रैफिक आने से सर्वर की गति काफी धीमी हो जाती है। इस तकनीकी खामी की वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार यूजर्स को लॉगिन करने, ऑनलाइन पेमेंट करने या पेमेंट कटने के बाद भी टिकट कन्फर्म होने में भारी देरी का सामना करना पड़ता था। रेलवे प्रशासन को यात्रियों से लगातार मिल रही इन शिकायतों के बाद तकनीकी टीम ने वेबसाइट को पूरी तरह से अपग्रेड और री-डिजाइन करने का फैसला किया।
करोड़ों का लोड एक साथ संभालेगा नया एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर
केंद्रीय रेल मंत्री के अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म मौजूदा वेबसाइट की तुलना में कहीं अधिक सक्षम, एडवांस और आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस होगा। इसे विशेष रूप से ऐसे एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड आधारित तकनीक पर तैयार किया गया है, जो एक ही समय में करोड़ों यात्रियों का लोड बिना किसी रुकावट के संभाल सके। सुबह के व्यस्त समय में सर्वर पर ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव होने के बावजूद इसकी स्पीड और परफॉर्मेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रेलवे ने खासतौर पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान आने वाली हर छोटी-बड़ी तकनीकी दिक्कत को हमेशा के लिए दूर करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है।
यूजर फ्रेंडली हुआ इंटरफेस, पीएनआर स्टेटस और रिफंड प्रक्रिया हुई बेहद आसान
इस नए और चमचमाते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल टिकट बुक करना ही आसान नहीं होगा, बल्कि पीएनआर (PNR) स्टेटस जांचने, ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता देखने, अपनी पसंदीदा ट्रेनों को शॉर्टलिस्ट करने और ऑनलाइन रिफंड व पेमेंट ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं को भी बेहद सरल और यूजर फ्रेंडली बनाया गया है। अब यात्री कुछ ही क्लिक्स में अपनी जरूरत की हर जानकारी हासिल कर सकेंगे, जिससे समय की भारी बचत होगी।
फर्जी बुकिंग और अवैध एजेंटों पर कड़ा प्रहार, सुरक्षा होगी चाक-चौबंद
टिकट बुकिंग की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ रेलवे ने वेबसाइट के सुरक्षा चक्र को भी पहले से कई गुना मजबूत कर दिया है। नए प्लेटफॉर्म में ऐसे सुरक्षा फीचर्स जोड़े गए हैं जिससे अवैध टिकट एजेंटों द्वारा की जाने वाली फर्जी बुकिंग, ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर बॉट्स के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। रेलवे का मानना है कि डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार करना यात्रियों के यात्रा अनुभव को सुखद बनाने के लिए बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य के तहत पिछले कुछ महीनों में तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पहचान आधारित सत्यापन और ओटीपी प्रमाणीकरण जैसे कई कड़े कदम भी उठाए गए हैं। रेल मंत्रालय का दावा है कि 15 जुलाई से शुरू होने वाला यह नया प्लेटफॉर्म ‘डिजिटल रेलवे’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।















