अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी के विवाद के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस पूरे मामले पर पहली बार अपनी आधिकारिक और बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कथित दान-चोरी की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त करते हुए सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है।
पीएम मोदी और सीएम योगी पर जताया अटूट भरोसा
महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्हें देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली और उनकी ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने दोनों शीर्ष नेताओं से इस संवेदनशील मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंचाने वाले दोषियों का पता लगाकर उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
राम मंदिर के नाम पर राजनीति बंद करने की अपील
ट्रस्ट के अध्यक्ष ने इस बात पर भी गहरी चिंता जताई है कि आस्था के इस बड़े केंद्र को राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और विचारकों से पुरजोर अपील की है कि राम मंदिर और प्रभु रामलला के चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर किसी भी तरह की राजनीति न की जाए। उन्होंने साफ कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और इस पर सियासत करना करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
जांच के बीच इस पत्र के मायने बेहद अहम
गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफों और एसआईटी (SIT) की जांच के बीच अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का यह पत्र सामने आना बेहद अहम माना जा रहा है। इस कदम से यह साफ हो गया है कि मंदिर प्रशासन इस पूरे मामले में पारदर्शिता चाहता है और किसी भी स्तर पर हुई गड़बड़ी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अब देखना होगा कि इस पत्र के बाद जांच की गति और प्रशासनिक स्तर पर क्या बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।













