लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: अब तक 15 की मौत, जांच के लिए बनी 2 सदस्यीय हाई-प्रोफाइल SIT, जानें कौन हैं ये अफसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण और रूह कँपा देने वाली आग ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास पर एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसके तुरंत बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की तह तक जाने के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दे दिया। शासन ने इस हाई-प्रोफाइल एसआईटी को महज 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है।

जानिए कौन हैं SIT के वो दो तेज-तर्रार अफसर, जिन्हें सौंपी गई जांच की कमान

इस बड़े हादसे की निष्पक्ष और सख्त जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के दो सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है:

1. आईएएस अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव, पर्यटन): मूल रूप से बिहार के मुंगेर के रहने वाले अमृत अभिजात 1995 बैच के यूपी कैडर के बेहद प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ी मल कॉलेज से शिक्षित अमृत अभिजात के पास प्रशासनिक कार्यों का लंबा और शानदार अनुभव है। वह उत्तर प्रदेश के आगरा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर और प्रयागराज जैसे बड़े व संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारी (DM) रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्हें प्रयागराज महाकुंभ मेले जैसी वैश्विक स्तर की बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

2. आईपीएस प्रवीण कुमार (एडीजी, लखनऊ जोन): 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार यूपी पुलिस के सबसे तेज-तर्रार और कड़क कप्तानों में गिने जाते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले प्रवीण कुमार वर्तमान में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात हैं। इंजीनियरिंग (BE Honors) के साथ-साथ एलएलबी और एलएलएम की उच्च डिग्री रखने वाले प्रवीण कुमार को कानून और फील्डिंग दोनों का महारथी माना जाता है। अपराधियों और लापरवाहों पर उनका हंटर चलने के लिए वे जाने जाते हैं।

सीएम योगी ने रद्द किए हाथरस और आगरा के सभी दौरे, बीजेपी के कार्यक्रम भी स्थगित

अलीगंज में हुए इस भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हाथरस और आगरा के अपने प्रस्तावित दौरों समेत मंगलवार के सभी तय कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। वहीं, सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने सभी संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।

इस बीच, मामले में सबूत जुटाने के लिए मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंच गई, जिसका नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार खुद कर रहे हैं। एसआईटी की टीम भी किसी भी वक्त मलबे और इमारत की तकनीकी खामियों की जांच करने मौके पर उतर सकती है।

“ये रिहायशी इलाके टाइम बम हैं…”, स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, लगाए गंभीर आरोप

हादसे के अगले दिन मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर जली हुई गगनचुंबी इमारत के बाहर हजारों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकनी पड़ी। इस दौरान स्थानीय जनता का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ जमकर फूटा।

स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने आक्रोशित होते हुए कहा, ‘‘यह रिहायशी इलाका एक टाइम बम की तरह है। एलडीए और नगर निगम के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से कमर्शियल एक्टिविटीज चलाई जा रही हैं, जिसके परिणाम आज इतने भयावह रूप में सबके सामने हैं।’’ लोगों का आरोप है कि आसपास की किसी भी व्यावसायिक इमारत में फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा मानकों) का पालन नहीं किया जा रहा है और विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

मुख्यमंत्री ने बीच में छोड़ा दौरा, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक मदद का एलान

आपको बता दें कि सोमवार को जैसे ही अलीगंज में आग लगने की खबर आई, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में अपना तय कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गए थे। लखनऊ पहुंचते ही उन्होंने सीधे घटनास्थल का ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण किया और उसके बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों और उनके तीमारदारों से मुलाकात कर डॉक्टरों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की बड़ी घोषणा की है।

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