लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया, सेक्टर-डी) स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण और हृदयविदारक अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में असमय काल के गाल में समा जाने वाले होनहार छात्र-छात्राओं अनुच्छा राय, सुखमनी सिंह, नीलेश और ज्योति के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल गमगीन और चीत्कारों से गूंज उठा। रविवार को जब इन मासूमों की अंतिम विदाई हो रही थी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।
श्मशान घाटों पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री, दिवंगत आत्माओं को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
इस बेहद दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों का दर्द बांटने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद बैकुंठ धाम (भैंसा कुंड) और पिपरा घाट पहुंचे। डिप्टी सीएम ने अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचकर चारों मृत छात्र-छात्राओं के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अत्यंत भावुक मन से विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान श्मशान घाटों पर चारों तरफ सिर्फ करुण क्रंदन और परिजनों की चीखें गूंज रही थीं, जिसने वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता का दिल भी दहला दिया।

परिजनों को गले लगाकर ढाढ़स बंधाया, बोले- इस असहनीय दुख में साथ खड़ी है सरकार
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शोक में डूबे और पूरी तरह टूट चुके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने रोते-बिलखते माता-पिता और परिवार के सदस्यों को गले लगाकर ढाढ़स बंधाया और सांत्वना दी। डिप्टी सीएम ने भावुक होते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद, हृदयविदारक और असहनीय पीड़ा देने वाली है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों का जाना पूरे समाज और सरकार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ब्रजेश पाठक ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस अत्यंत कठिन और काले समय में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी, प्रशासनिक और आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।
नम आंखों से हुई होनहारों की अंतिम विदाई, ईश्वर से की शक्ति देने की प्रार्थना
कोचिंग सेंटर अग्निकांड के शिकार हुए इन युवाओं की अंत्येष्टि के दौरान श्मशान घाट पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें छलक आईं। हर कोई इस बात से स्तब्ध था कि जो बच्चे अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर घर से निकले थे, वे आज इस दुनिया में नहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की चिर शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और भगवान से कामना की कि वे शोक संतप्त परिवारों को इस वज्रपात और असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति व संबल प्रदान करें।















