
नई दिल्ली। यमुना में आई बाढ़ के चलते दिल्ली पानी से लबालब है। इसके बावजूद दिल्लीवासी पेयजल की बूंद-बूंद के लिए तरस जाएंगे। दिल्लीवासियों के लिए यह सबसे बड़ा पेयजल संकट होगा। वज़ीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद कर दिया गया। जबकि सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी के उत्पादन में 25 फीसदी की कमी आई है। कुल मिलाकर पानी के उत्पादन में 280 एमजीडी की कमी आई है।
वज़ीराबाद, चंद्रावल, ओखला और सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लान से मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली में पानी की सप्लाई की जाती है। इन प्लांट्स के बंद होने से सिविल लाइन्स क्षेत्र, हिन्दू राव अस्पताल, कमला नगर, पटेल नगर (ईस्ट-वेस्ट ), करोलबाग, पहाड़गंज, एनडीएमसी एरिया, ओल्ड- न्यू राजेंद्र नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंदरपुरी, शास्त्री नगर, कालका जी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रह्लादपुर, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग़, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश और कैंट एरिया के क्षेत्र, पूर्वी दिल्ली का क्षेत्र, सोनिया विहार, यमुना विहार, भजनपुरा, शास्त्री पार्क, घोंडा, सीमापुरी में लोग पीने के पानी के लिए बूंद बूंद के लिए तरस जाएंगे।
हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। यमुना का जलस्तर 208.53 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 205 मीटर से 3 मीटर ज्यादा है। यमुना के बढ़ते जलस्तर की वजह से दिल्ली के वज़ीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को बंद करने का फैसला किया है। इन प्लांट्स के माध्यम से दिल्ली में आगे पानी की सप्लाई करने के लिए यमुना के कच्चे पानी को इन प्लांट्स में साफ़ किया जाता है। यमुना से कच्चा पानी लेने के लिए वज़ीराबाद, चंद्रावल और ओखला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पंप हाउस बनाए गए है। यमुना का जल स्तर बढ़ने से नदी का पानी इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में घुस गया है। जिसकी वजह से वज़ीराबाद, ओखला और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पंप हाउस पानी में डूब गए है।













