सरसौल चकबंदी दफ्तर में उड़ रही नियमों की धज्जियां: 10:35 बजे दफ्तर पहुंचे ACO, 9 में से गायब मिले कई कर्मचारी; फैली मिली गंदगी

कानपुर (सरसौल).  उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन द्वारा सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को सुबह समय से कार्यालय पहुंचने और जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन कानपुर के सरसौल स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी (ACO) कार्यालय में इन आदेशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। दफ्तर खुलने के निर्धारित समय पर अधिकांश कर्मचारी नदारद मिले, जिससे दूर-दराज से आए किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यही नहीं, दफ्तर के भीतर चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा मिला, जो विभागीय कार्यप्रणाली और लापरवाही की पोल खोल रहा है।

9 सदस्यीय स्टाफ में से केवल दो मिले उपस्थित, 10:35 पर आए साहब

सरसौल स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी एवं चकबंदी अधिकारी न्यायालय कार्यालय में कुल 9 कर्मचारियों का स्वीकृत स्टाफ है। गुरुवार सुबह जब दफ्तर के समय का जायजा लिया गया, तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली थी। निर्धारित समय पर मुख्य अधिकारी (एसीओ) और दो कानूनगो अपनी कुर्सी से गायब थे। मौके पर पूरे स्टाफ में से केवल कानूनगो कल्पना कुशवाहा और हाथीगांव क्षेत्र के लेखपाल कपिल देव ही उपस्थित पाए गए। करीब सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर सहायक चकबंदी अधिकारी कृष्ण मुरारी दफ्तर पहुंचे। ऐसे में सरकार के समयपालन (पंक्चुअलिटी) के दावों पर सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं।

घंटों इंतजार करने को मजबूर किसान, कमरों में कबाड़ और कूड़े के ढेर

दफ्तर में काम कराने पहुंचे स्थानीय किसानों और फरियादियों ने भारी नाराजगी जताते हुए कहा कि साहब लोगों के समय पर न आने के कारण उन्हें रोज घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो पूरे दिन इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ता है, जिससे उनके खेती-किसानी के जरूरी काम लटक जाते हैं। इसके अलावा कार्यालय की स्वच्छता की स्थिति भी बदहाल मिली। दफ्तर के लगभग हर कमरे और कोनों में कबाड़ और कूड़े के ढेर दिखाई दिए। गंदगी के बीच बैठकर ही कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिससे यहां आने वाले फरियादियों को भी भारी असुविधा और सांस लेना दूभर हो जाता है। किसानों ने जिला प्रशासन से दफ्तर की व्यवस्था सुधारने की पुरजोर मांग की है।

चकबंदी अधिकारी ने दी सफाई: ‘कर्मचारी फील्ड में होंगे, सफाई खुद रखनी चाहिए’

इस पूरी अव्यवस्था और लापरवाही के संदर्भ में जब उच्चाधिकारी ‘चकबंदी अधिकारी’ विनय सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कर्मचारियों का बचाव करते हुए सफाई दी। उन्होंने बताया कि विभागीय और तकनीकी कार्यों के कारण कानूनगो व लेखपाल अक्सर फील्ड में रहते हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति को लापरवाही नहीं कहा जा सकता। हालांकि, कार्यालय में फैली गंदगी पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दफ्तर में जिस पटल (सीट) पर जो भी कर्मचारी बैठता है, यह उसकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास की साफ-सफाई की व्यवस्था पर खुद ध्यान दे। इसके लिए जल्द ही कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे।

 

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