हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में राहत और बचाव कार्य जारी है। बुधवार शाम लापता हुए 6 लोगों में से अब तक 5 शवों को बरामद कर लिया गया है। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और फतेहपुर पीएसी की फ्लड यूनिट ने गुरुवार दोपहर तक कड़ी मशक्कत और खराब मौसम के बीच इन शवों को नदी से बाहर निकाला। अभी भी एक 10 वर्षीय बच्चे की तलाश तेज गति से की जा रही है।
परिजनों में कोहराम, मौके पर पहुंचे दिग्गज नेता
जैसे-जैसे एक-एक कर शव नदी से बाहर निकाले गए, घाट पर मौजूद मृतकों के परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही पिछड़ा वर्ग आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया। उनके साथ जलशक्ति और जिले के प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और बचाव कार्य की समीक्षा की।
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा
शासन स्तर पर इस बड़ी त्रासदी को देखते हुए आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है। साध्वी निरंजन ज्योति ने घोषणा की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को सवा चार लाख (4.25 लाख) रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए।
इनके शव किए गए बरामद:
थाना कुरारा के अंतर्गत ग्राम पंचायत भौली के कोतूपुर पटिया में हुए इस हादसे में अब तक निम्नलिखित लोगों के शव मिले हैं:
-
बृजरानी (25 वर्ष), पत्नी पप्पू निषाद
-
आकांक्षा (14 वर्ष), पुत्री
-
रानी (8 वर्ष), पुत्री बच्चन
-
अर्चना (12 वर्ष), पुत्री हेतराम
-
लाव्यांश (5 वर्ष), पुत्र पप्पू
अभी 10 वर्षीय आदित्य लापता है, जिसकी तलाश के लिए गोताखोर और फ्लड टीमें लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
कैसे हुआ हादसा?
बता दें कि बुधवार देर शाम क्षमता से अधिक भार या संतुलन बिगड़ने के कारण नाव कोतूपुर पटिया के पास यमुना नदी के गहरे पानी में समा गई थी। नाव पर सवार मासूम बच्चों समेत कुल छह लोग डूब गए थे। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें घटना के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।















