बेलगावी। कर्नाटक के बेलगावी से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक विश्वासघात और लालच की सारी हदें पार कर दी हैं। करीब दो महीने पहले जिस पूर्व सैनिक की मौत को सभी ने ‘कार्डियक अरेस्ट’ (दिल का दौरा) और प्राकृतिक मौत समझ लिया था, वह असल में एक सोची-समझी खौफनाक हत्या थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का खुलासा होते ही बेलगावी पुलिस ने कातिल पत्नी, उसके प्रेमी, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के वरिष्ठ अधिकारियों और एक पुलिसकर्मी समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दो महीने तक दफन रहा यह राज पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने आया।
2 करोड़ की बीमा राशि के लिए रची गई मौत की साजिश
बेलगावी के पुलिस अधीक्षक (SP) के. रामराजन के मुताबिक, हुक्केरी तालुक के घोदगेरी गांव के रहने वाले 46 वर्षीय पूर्व सैनिक संदीप कलागौडा मंजरगी की हत्या महज एक हादसा नहीं, बल्कि 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बीमा राशि हड़पने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।
घटनाक्रम की शुरुआत 13 मार्च को हुई, जब संदीप एक बाइक हादसे में मामूली रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी चोटों को सामान्य बताया। लेकिन इसके बाद उनकी पत्नी सुमा उन्हें जबरन घटाप्रभा के जेजे (JJ) अस्पताल ले गई, जहां 15 मार्च को संदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताई गई, जिसे परिजनों ने सच मान लिया।
प्रेमी के एक ‘वायरल वीडियो’ ने खोल दिया हत्या का राज
यह पूरा मामला पिछले दो महीनों से पूरी तरह शांत था और किसी को भी सुमा पर शक नहीं था। लेकिन गुनाह के पैसे ने दोनों प्रेमियों के बीच ही दरार पैदा कर दी। बीमा राशि के बंटवारे को लेकर कातिल पत्नी सुमा और उसके बॉयफ्रेंड पुंडलिक विट्ठल डोम्बर के बीच तीखा विवाद हो गया। इस झगड़े से बौखलाए प्रेमी डोम्बर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पोस्ट शेयर कर दावा कर दिया कि संदीप की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी और वह इस पूरी साजिश का चश्मदीद है। वीडियो वायरल होते ही बेलगावी पुलिस के होश उड़ गए और एसपी के निर्देश पर मामले की फाइल दोबारा खोली गई।
अस्पताल के बेड पर दिया चूहे मारने का जहर
पुलिस ने जब प्रेमी डोम्बर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो रूह कंपा देने वाली कहानी सामने आई। सेना से रिटायर होने के बाद संदीप ने डोम्बर के साथ मिलकर एक फूड स्टॉल शुरू किया था। इसी दौरान संदीप की पत्नी सुमा और डोम्बर के बीच अवैध संबंध बन गए। दोनों ने संदीप को रास्ते से हटाने और उसके नाम पर कराए गए 2 करोड़ रुपये के बीमे को हड़पने का प्लान बनाया।
14 मार्च को जब संदीप जेजे अस्पताल में भर्ती थे, तब सुमा और डोम्बर ने अस्पताल के कर्मचारी राहुल हनुमंत जोगी को मोटी रकम देकर अपने साथ मिलाया। राहुल की मदद से संदीप को ड्रिप (नस के जरिए) में चूहे मारने वाला जहर दे दिया गया। जब चूहे मारने वाले जहर से भी संदीप की मौत नहीं हुई, तो आरोपियों ने घबराकर अस्पताल के भीतर ही उसे एक दूसरा बेहद घातक जहरीला इंजेक्शन दे दिया और भारी मात्रा में नींद की गोलियां खिला दीं। इस हैवी ओवरडोज के कारण संदीप ने तड़प-तड़प कर अस्पताल के बेड पर ही दम तोड़ दिया।
FSL अफसरों और पुलिसकर्मी ने मिलकर बदला पोस्टमार्टम रिपोर्ट
इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसमें कानून के रखवाले और जांच अधिकारी भी बिक चुके थे। सच सामने आने के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संदीप के शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया। जांच में सामने आया कि सुमा की मां (जो एक रिटायर्ड हेल्थ वर्कर है) और एक स्थानीय मेडिकल प्रैक्टिशनर बसवराज भस्मे ने जहर देने की पूरी प्रक्रिया में मदद की थी।
यही नहीं, गुनाह को छुपाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के कर्मचारी अप्पासाब नाइकवाड़ी, चन्नप्पा अदाविसवामीमथ और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर पी. एम. नागराजू ने मोटी घूस लेकर पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जहर के सारे सबूत ही मिटा दिए और उसे ‘नेचुरल डेथ’ का रूप दे दिया। इस पूरी हेराफेरी और फाइल को दबाने में अशोक गुजनाल नाम के एक पुलिसकर्मी ने भी आरोपियों का साथ दिया।
चुप रहने के लिए यूट्यूबर ने भी वसूले पैसे, अब तक 9 गिरफ्तार
पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस सिंडिकेट के कई और चेहरे बेनकाब हो गए। पुलिस ने इस मामले में एक स्थानीय यूट्यूबर सचिन सेलार को भी गिरफ्तार किया है। सचिन को इस मर्डर और साजिश की भनक लग गई थी, लेकिन पुलिस को सूचना देने के बजाय उसने सुमा और डोम्बर को ब्लैकमेल कर राज दबाने के एवज में मोटी रकम ऐंठ ली।
बेलगावी पुलिस अब तक इस मामले में कातिल पत्नी सुमा, प्रेमी डोम्बर, अस्पताल कर्मी, FSL के तीन अधिकारियों, मां, डॉक्टर और पुलिसकर्मी समेत कुल 9 लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से रिमांड में गहन पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कई और बड़े रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं।














