कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते केंद्र का फैसला, अब रेमडेसिविर दवा के निर्यात पर पूरी तरह से रोक

कोरोना मरीजों को दिए जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर के निर्यात पर केंद्र सरकार ने रविवार को रोक लगा दी है। इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों का भी निर्यात नहीं हो सकेगा। संक्रमण के मामले अचानक बढ़ने से देश भर में इस इंजेक्शन की शॉर्टेज हो गई है। आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।

यह इंजेक्शन बनाने वाली सभी घरेलू कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर स्टॉकिस्ट और डिस्ट्रीब्यूटर्स के नाम डिस्प्ले करने की सलाह दी गई है। ड्रग्स इंस्पेक्टर और दूसरे अधिकारियों को स्टॉक का वैरिफिकेशन करने और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स कंपनियों के साथ संपर्क में है, ताकि रेमडेसिविर के प्रोडक्शन को बढ़ाया जा सके।

महाराष्ट्र में वैक्सीन के एक करोड़ डोज लगे

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र देश का पहला राज्य हो गया है, जहां वैक्सीन के एक करोड़ डोज लगाए जा चुके हैं। महाराष्ट्र के हेल्थ सेक्रेटरी प्रदीप व्यास ने बताया कि अब तक 1 करोड़ 38 हजार से ज्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। यहां 16 जनवरी से वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत हुई थी।

इसी तरह भारत में अब तक 10 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। दूसरे देशों के मुकाबले भारत को ऐसा करने में सिर्फ 85 दिन लगे। इतने वक्त में अमेरिका में 9.2 करोड़ और चीन में 6.14 करोड़ टीके लगे थे। हेल्थ मिनिस्ट्री ने यह जानकारी दी। हालांकि कुल वैक्सीनेशन के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका और चीन भारत से काफी आगे हैं। पूरे देश में अब तक कुल 10.12 करोड़ डोज लगाए जा चुके हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की मिली-जुली कोशिशों के कारण भारत में डेथ रेट दुनिया में सबसे कम (1.28%) है।

दिल्ली में हालात खराब
महाराष्ट्र के बाद अब दिल्ली में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पिछले 10-15 दिनों में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ा है, यहां कोरोना की चौथी वेव है। पिछले 24 घंटे में 10,732 केस आए हैं, स्थिति बहुत चिंताजनक है। ​हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं, लेकिन शनिवार को सरकार ने मजबूरी में कुछ पाबंदियों के आदेश दिए हैं। इस वक्त का पीक नवंबर से भी खतरनाक है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के 65% मरीज 35 साल से कम उम्र के हैं, फिर कोरोना रुकेगा कैसे? कोरोना का चक्र तब ही टूटेगा, जब वैक्सीनेशन होगा। केंद्र सरकार ने बहुत पाबंदियां लगा रखी हैं, मेरा केंद्र से निवेदन है कि वो पाबंदियां हटा दें।

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