
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने, ट्रेनों के संचालन को बेहतर बनाने और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 675 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल में Kavach 4.0, बिहार के समस्तीपुर मंडल में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और पश्चिम बंगाल में आद्रा-जॉयचंडीपहाड़ के बीच नई बाईपास लाइन का निर्माण शामिल है।
रेलवे के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही मालगाड़ियों के लिए नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ेगी।
मुरादाबाद मंडल में 712 रूट किलोमीटर पर लगेगा Kavach 4.0
उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में बचे हुए 712 रूट किलोमीटर हिस्से में Kavach 4.0 लगाने के लिए रेलवे ने 170 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।
Kavach का इस्तेमाल ऐसी परिस्थितियों में किया जा सकता है, जहां ट्रेन के ड्राइवर को खतरे का सामना हो। सिस्टम जरूरत पड़ने पर ट्रेन को रोकने, अपने आप ब्रेक लगाने और निर्धारित गति को नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे सिग्नल पार करने और संभावित टक्कर जैसी घटनाओं का जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है।
मुरादाबाद मंडल के शेष हिस्से में इस सिस्टम की स्थापना से रेलवे नेटवर्क के एक बड़े हिस्से में आधुनिक ट्रेन सुरक्षा तकनीक का विस्तार होगा।
समस्तीपुर के 21 स्टेशनों पर बदलेगा सिग्नलिंग सिस्टम
रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने के लिए 233 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इस परियोजना के तहत पुराने पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदला जाएगा। यह कंप्यूटर आधारित तकनीक है, जो ट्रेनों की आवाजाही और सिग्नलिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने में मदद करती है।
आधुनिक सिस्टम से सिग्नलिंग में संभावित खराबी की पहचान, रखरखाव और ट्रेन संचालन को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह भविष्य में Kavach जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीक को लागू करने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार करने में भी उपयोगी होगा।
पश्चिम बंगाल में 11 किलोमीटर की बाईपास लाइन
दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा और जॉयचंडीपहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन के निर्माण के लिए 272 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इस परियोजना से मुख्य रूप से मालगाड़ियों की आवाजाही को फायदा मिलने की उम्मीद है। बाईपास लाइन बनने के बाद मालगाड़ियों को मौजूदा मार्ग के कुछ व्यस्त हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है। इससे ट्रेनों की आवाजाही में आने वाली रुकावट कम करने और परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रेलवे के लिए यह परियोजना खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों से आने-जाने वाले माल की ढुलाई को बेहतर बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अतिरिक्त माल यातायात को संभालने की क्षमता बढ़ने से माल परिवहन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
तीनों परियोजनाओं से रेलवे को क्या फायदा होगा?
रेलवे की इन तीनों परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग है, लेकिन इनके जरिए नेटवर्क की सुरक्षा, क्षमता और परिचालन दक्षता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
- मुरादाबाद: 712 रूट किलोमीटर पर Kavach 4.0 से ट्रेन सुरक्षा मजबूत होगी।
- समस्तीपुर: 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से सिग्नलिंग व्यवस्था आधुनिक होगी।
- आद्रा-जॉयचंडीपहाड़: 11 किलोमीटर बाईपास लाइन से मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।














