
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आधी आबादी यानी महिला और छात्रा मतदाताओं को साधने के लिए लुभावने चुनावी वादों का पिटारा खोल दिया है। सपा के प्रस्तावित एजेंडे में पुरानी ‘कन्या विद्याधन योजना’ को दोबारा शुरू करने से लेकर ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने जैसे बड़े ऐलान शामिल हैं।
कन्या विद्याधन की राशि बढ़ाकर ₹50 हजार करने का ऐलान
अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि सपा सरकार बनने पर ‘कन्या विद्याधन योजना’ को नए सिरे से लागू किया जाएगा। इसके तहत यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से 12वीं पास करने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस योजना की शुरुआत मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में 20 हजार रुपये की राशि से हुई थी, जिसे 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने बढ़ाकर 30 हजार रुपये किया था। अब इसे फिर शुरू कर राशि 50 हजार रुपये करने का वादा किया जा रहा है।
‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ में हर साल मिलेंगे ₹40 हजार
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सपा ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पात्र महिलाओं को सालाना 40,000 रुपये दिए जाएंगे। इससे पहले सपा सरकार में ‘समाजवादी पेंशन योजना’ के तहत पात्र परिवारों को 6,000 रुपये सालाना दिए जाते थे। नई योजना को पुरानी पेंशन योजना का अत्यधिक विस्तारित और बड़ा रूप माना जा रहा है।
लैपटॉप, स्मार्टफोन, फ्री साइकिल और महीने में 2 दिन का विशेष अवकाश
छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सपा ने तकनीक, परिवहन और स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं:
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तकनीकी व परिवहन सहायता: 12वीं और ग्रेजुएशन की छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप तथा स्मार्टफोन दिए जाएंगे। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल मिलेगी।
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पीरियड लीव (माहवारी अवकाश): सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में महिलाओं व छात्राओं को हर महीने 2 दिन का विशेष अवकाश देने का प्रस्ताव है। इसके लिए किसी मेडिकल सर्टिफिकेट या अनावश्यक सवालों की शर्त नहीं होगी।
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मुफ्त आवास में प्राथमिकता: लोहिया आवास योजना के तहत विधवा व तलाकशुदा बेसहारा महिलाओं को 100 प्रतिशत सब्सिडी पर पक्का मकान दिया जाएगा, जिसका पट्टा केवल महिला के नाम होगा।
बंद पड़े 26 हजार से ज्यादा प्राथमिक स्कूलों को फिर खोलने का दावा
अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि विलय (Merger) की आड़ में कक्षा 1 से 8 तक के 26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक (PDA) परिवारों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सपा ने वादा किया है कि सरकार बनने पर इन बंद स्कूलों को दोबारा खोला जाएगा और सरकारी प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों में बच्चियों की ट्यूशन व एडमिशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी।
बजट और वित्तीय समीकरण: क्या वादे पूरे करना संभव है?
इन बड़ी कल्याणकारी घोषणाओं के साथ ही प्रदेश के बजट पर भी चर्चा छिड़ गई है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष 2012 में जब सपा सरकार ने फ्री लैपटॉप और कन्या विद्याधन जैसी योजनाएं लागू की थीं, तब यूपी का कुल बजट लगभग 2.10 लाख करोड़ रुपये था। वर्तमान में उत्तर प्रदेश का सालाना बजट बढ़कर 7.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। ऐसे में बजट का दायरा बड़ा होने के कारण लोककल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय गुंजाइश बढ़ गई है।
2027 के रण में आधी आबादी पर ही क्यों है पूरा फोकस?
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक आंकड़ों के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव में 46.38 प्रतिशत और 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 46.66 प्रतिशत महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। चुनाव में महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए ही भाजपा और सपा समेत सभी प्रमुख दल महिला केंद्रित योजनाओं पर सबसे ज्यादा दांव लगा रहे हैं। अब देखना होगा कि सपा के ये प्रस्ताव चुनावी समर में कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं।













