पत्नी को लेकर दर-दर भटकता रहा सैनिक, बोला- हम देश के लिए जान देते हैं लेकिन…देखे VIDEO

हमारे देश को न जाने किसकी नजर लग गई है। जो बहादुर सैनिक हर हाल में अपने वतन की आन बान शान के लिए जान देने और जान लेने का हौंसला रखते हैं, आज के हालात उन्हें भी कमजोर बना रहे हैं।

देश की ध्वस्त हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक सैनिक को भी रोने और आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया।

एक पत्रकार ने ट्वीटर पर एक वीडियो अपलोड किया है जिसमें एक सैनिक रो रोकर कहा रहा है कि बताइए, हम देश के लिए मरते हैं। मैं चार दिन की छुट्टी में आया और मेरी पत्नी को इलाज नहीं मिल रहा। मैं बीएसएफ में हूं सर। काशिफ ने लिखा है कि यह वीडियो दिखा रहा है कि हम अपने सैनिकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं !

https://twitter.com/KashifKakvi/status/1384780066723221505?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1384780066723221505%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fboltahindustan.in%2Fbh-news%2Fa-soldier-cried-for-medical-help-in-madhyapradesh-as-his-wife-struggles-for-lige%2F

सैनिक का नाम विनोद तिवारी है। वह मध्यप्रदेश के सीधी जिले से हैं और बीएसएफ में हैं। इस समय विनोद त्रिपुरा में तैनात हैं।

आगे सैनिक कह रहे है कि मुझे वैक्सीन लगा है। मेरी रिपोर्ट ठीक है लेकिन मेरी पत्नी की घरवाली की हालत ठीक नही है। इनको लेकर मैं हॉस्पीटल गया था लेकिन वहां भी मुझे मना कर दिया गया।

अभी मैं यहां दूसरे अस्पताल में लेकर आया हूं। यहां पर कोई बोलता है इस गेट पर जाओ, उस गेट पर जाओ.. कोई सही सही कुछ बता ही नहीं रहा है।

मध्यप्रदेश के रीवा में पत्नी के इलाज के लिए रोेते रोते बीएसएफ जवान आगे कहते हैं बताइए हम देश के लिए लड़ने वाले हैं और हमें ऐसे भटकना पड़ रहा है। मैं सुबह छह बजे से जांच कराने के बाद पत्नी को लेकर इलाज के लिए इधर उधर भटक रहा हूं।

8 घंटे तक बीमार पत्नी को लेकर इधर उधर भटकने के बाद विनोद तिवारी जब सिस्टम से हार गए तो उन्होंने कुछ मीडिया कर्मियों का सहयोग लिया, जिसके बाद मीडिया वालों ने संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन से बात की।

इसके बाद बीएसएफ जवान की पत्नी को शहर के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह घोर आश्चर्य और दुख की बात है कि जिस देश में सैनिकों के नाम पर राजनीति होती है। सैनिकों की लाशों पर वोट का कारोबार किया जाता है, वहां पर सैनिकों को अपने परिजनों के इलाज के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।

भारत के बहादुर जवान जो अपनी वीरता, शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों को खून के आंसू रुलाते हैं, आज उन्हें अपने देश में अपने परिवार के लोगों के इलाज के लिए आंसू बहाना पड़ रहा है।

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