कानपुर : आलोचना और चाटुकारिता में होता हैं, मौलिक अंतर : आचार्य सोमदेव

कानपुर। आर्य समाज स्त्री आर्य समाज एवं आर्य कन्या इंटर कॉलेज गोविंद नगर के संयुक्त तत्वाधान में आर्य समाज मंदिर गोविंद नगर में चल रहे अथर्ववेद परायण यज्ञ का प्रारंभ तीसरे दिन गुरूवार को पवित्र वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ हुआ। यज्ञ वेदी पर उपस्थित यजमान दंपतियों ने स्वाहा कि पवित्र ध्वनि से द्रव्य की आहुतियां अर्पित की तथा हमेशा यज्ञ व संध्या करने का संकल्प लिया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य सोमदेव  ने सभी यजमानो को आशीर्वाद दिया। आचार्य सोमदेव  ने अपने प्रवचन में बताया कि आलोचना और चाटुकारिता में मौलिक अंतर होता है। एक चाटुकार व्यक्ति आपकी प्रशंसा करते हुए आप को हानि पहुंचा सकता है।

वही एक आलोचना करने वाला आपकी सही आलोचना करके आपका उपकार कर देता है। आचार्य  ने आगे कहा कि मनुष्य को काम, क्रोध ,लोभ, मोह और उनके जैसे दुर्गुणों को दूर करते हुए अपने अंतःकरण को पवित्र बनाने का प्रयास करना चाहिए ,क्योंकि पवित्र अंतःकरण वाला मनुष्य ही ईश्वर की उपासना कर सकता है। मलिन विचारों के रहते हुए मनुष्य ईश्वर का सानिध्य नहीं पा सकता है।अमृतसर से पधारे संगीताचार्य पंडित दिनेश पथिक  ने अपने सुमधुर भजनों के माध्यम से सत्संग की महिमा का वर्णन किया ।निरंतर सत्संग के.द्वारा मनुष्य अपने जीवन को उन्नत बना सकता है।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वीरेंद्र मल्होत्रा, शम्मी कपूर, प्रकाश वीर आर्य, शुभ कुमार वोहरा, सुरेंद्र गेरा, त्रिलोकी नाथ रावल, सत्यकेतु शास्त्री ,जगत नारायण गुप्ता, सत्यदेव सिंह, वीरा चोपड़ा ,चंद्रकांता गेरा, संतोष अरोडा, कमल दीवान, संगीता मल्होत्रा, शशि मल्होत्रा, श्वेता सदैव, कैलाश मोंगा, मीनाक्षी दुआ आदि उपस्थित रहे।

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