लखनऊ/अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी से इस समय एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और कानूनी खबर सामने आ रही है. बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) में शिक्षकों के एरियर भुगतान के नाम पर हुए करीब 7 करोड़ रुपये के महा-घोटाले को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ा और निर्णायक एक्शन शुरू कर दिया है. माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के कड़े आदेश के बाद इस पूरे मामले की कमान सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है.
सीबीआई की इस महा-कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश के 5 अलग-अलग जिलों में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (CBI Raid) की जा रही है, जिसमें अकेले अमेठी जिले के 8 संवेदनशील ठिकाने शामिल हैं. सीबीआई की डीआईजी (DIG) शिवानी तिवारी के सीधे नेतृत्व में चल रही इस ताबड़तोड़ छापेमारी से बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर पूरे प्रशासनिक हलके में भारी हड़कंप मच गया है. जांच एजेंसी की कई टीमें संदिग्धों के ठिकानों पर मौजूद दस्तावेजों और बैंक खातों को खंगालने में जुटी हैं.
वित्त लेखाधिकारी कार्यालय से हुआ करोड़ों का खेल, कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय है मुख्य विलेन!
यह पूरा घोटाला बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी (Finance & Accounts Office) कार्यालय से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस दफ्तर में तैनात कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) मनोज कुमार मालवीय को इस 7 करोड़ रुपये के गबन का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड माना जा रहा है.
आरोप है कि मनोज मालवीय ने विभाग में तैनात कुछ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और कुछ भ्रष्ट शिक्षकों के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट तैयार किया. इस सिंडिकेट ने शिक्षकों के वैध एरियर भुगतान के नाम पर बैकएंड से फर्जी कागजात तैयार किए और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर डाली. यह पूरी रकम अलग-अलग संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, जिससे सरकार को सीधे तौर पर करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा.
शिवम और अभिषेक के खातों में भेजी गई मोटी रकम, घर पहुंची सीबीआई की टीमें
घोटाले की परतें खुलते ही वित्त एवं लेखाधिकारी की ओर से अमेठी की गौरीगंज कोतवाली में एक मुख्य मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस एफआईआर के मुताबिक, सिंडिकेट ने सरकारी पैसे को ठिकाने लगाने के लिए आउटसोर्सिंग पर रखे गए कर्मचारियों के निजी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था.
पुलिस और शुरुआती विभागीय जांच में सामने आया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी शिवम कुमार पांडे के बैंक खाते में करीब 1.5 लाख रुपये और एक अन्य प्रमुख सहयोगी अभिषेक सिंह के खाते में ₹50 लाख से भी अधिक की सरकारी राशि अवैध रूप से ट्रांसफर की गई थी. बुधवार सुबह सीबीआई की विशेष टीमों ने अचानक शिवम और अभिषेक के पैतृक आवासों और ठिकानों पर दस्तक दी. टीम ने घर के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट बंद करके सघन तलाशी अभियान शुरू किया है और दोनों के बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाली जा रही है.
हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने संभाला केस, रसूखदारों पर कसेगा शिकंजा
अमेठी का यह शिक्षक एरियर घोटाला पिछले काफी समय से स्थानीय स्तर पर चर्चा में था, लेकिन इसकी विशालता और संगठित स्वरूप को देखते हुए मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था. हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए थे.
सीबीआई ने केस हाथ में लेते ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. सूत्रों का कहना है कि 5 जिलों में चल रही इस छापेमारी के दौरान कई अहम डिजिटल साक्ष्य, डायरियां और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं. डीआईजी शिवानी तिवारी के सख्त तेवरों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस घोटाले में आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग के कुछ और बड़े अधिकारियों तथा रसूखदार सफेदपोशों की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.













