नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक उग्र प्रदर्शन करते हुए संसद भवन के बिल्कुल करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के तेवर इतने तीखे थे कि उन्होंने संसद परिसर के भीतर घुसने का भी प्रयास किया। इस सुरक्षा चूक की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और संसद की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया। एहतियात के तौर पर संसद के मुख्य द्वार (मेन गेट) को पूरी तरह बंद कर दिया गया। जिस वक्त यह पूरा हंगामा चल रहा था, उस समय संसद का सत्र जारी था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम सांसद सदन के अंदर ही मौजूद थे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, दागने पड़े आंसू गैस के गोले
संसद मार्च पर निकले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब भीड़ बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगी, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई और भीड़ को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। इससे पहले सुबह 10 बजे के करीब प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा हुजूम राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के भीतर भी दाखिल हो गया था। प्रदर्शनकारी इतने आक्रामक थे कि वे सुबह कई जगहों पर सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक जा पहुंचे थे।
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल, बातचीत का दौर शुरू
इस बीच आंदोलन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। दीपके ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत चल रही है, इसलिए जब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन को स्थगित रखा जाए। CJP के इस रुख के बाद फिलहाल विरोध मार्च को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। गौरतलब है कि CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने इस गतिरोध को सुलझाने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है। दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें तुरंत डिस्चार्ज किया जाए क्योंकि उन्हें भी इस संसद मार्च में शामिल होना है।
गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच अहम बैठक
संसद के बाहर चल रहे इस भारी बवाल के बीच सत्ता के गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से एक बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की है। दरअसल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही CJP प्रदर्शनकारियों और सोनम वांगचुक की सबसे प्रमुख मांगों में से एक है। माना जा रहा है कि दोनों बड़े नेताओं के बीच इस आंदोलन को शांत करने और मांगों पर विचार करने को लेकर गंभीर रणनीति बनी है।
बिहार विधानसभा में भी गूंजी गूंज, नीट पेपर लीक पर भारी हंगामा
इस आंदोलन की तपिश दिल्ली से लेकर पटना तक महसूस की जा रही है। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बिहार विधानसभा के बाहर भी विपक्षी दलों के नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनसे तुरंत पद से इस्तीफा देने की मांग की। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है, जिससे सदन से लेकर सड़क तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
संसद भवन के पास से प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें
















