महाराष्ट्र TET पेपर लीक में आगरा कनेक्शन! जूतों में छिपाकर बाहर निकाले गए थे प्रश्नपत्र, ठाणे SIT ने भिवंडी कोर्ट में दाखिल की 3,470 पन्नों की चार्जशीट

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक कांड में ठाणे पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा करते हुए भिवंडी मजिस्ट्रेट कोर्ट में 3,470 पन्नों की व्यापक चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल की है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 18 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से 16 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 2 मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं. एसआईटी की गहन जांच में सामने आया है कि इस अंतरराज्यीय पेपर लीक नेटवर्क के तार महाराष्ट्र से सीधे उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक प्राइवेट प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े हुए थे.

जूतों की इनसोल के नीचे छिपाकर निकाला गया प्रश्नपत्र पुलिस चार्जशीट के अनुसार, TET परीक्षा के प्रश्नपत्र आगरा स्थित ‘महिम पत्रन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक प्रिंटिंग प्रेस में छापे जा रहे थे. छपाई के दौरान जिन कागजों या प्रश्नपत्रों में मामूली खराबी (डिफेक्ट) आ जाती थी, उन्हें नष्ट करने से पहले डिस्पोजल बिन में रखा जाता था. आरोप है कि प्रेस में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी बाबूलाल कुशवाहा और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी नरेश कुमार महौर उर्फ निक्की ने इसी डिस्पोजल एरिया से प्रश्नपत्र चोरी किए. चूंकि डिस्पोजल एरिया में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे नहीं लगे थे, आरोपियों ने इसी सुरक्षा चूक का फायदा उठाया और प्रश्नपत्रों को अपने जूतों की इनसोल (Insole) के नीचे छिपाकर सुरक्षा घेरे से बाहर निकाल लिया.

आगरा से बिहार तक फैला था नेटवर्क, मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता गिरफ्तार प्रिंटिंग प्रेस से चोरी किए गए प्रश्नपत्र पूर्व कर्मचारी सोनू दिवाकर के माध्यम से संजय शर्मा और फिर नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता तक पहुंचाए गए. ठाणे पुलिस की एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से धर दबोचा. पुलिस ने उसके कब्जे से प्रश्नपत्रों के 4 मूल (Original) सेट बरामद किए हैं. जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं.

55 गवाह और इलेक्ट्रॉनिक सबूत शामिल, परीक्षा से दो दिन पहले हुई कार्रवाई एसआईटी ने इस पूरे केस में प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों समेत कुल 55 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. डीसीपी (DCP) जोन-2 पवन बंसोड को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कोनगांव पुलिस ने परीक्षा आयोजित होने से ठीक दो दिन पहले भिवंडी से नेटवर्क के प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था, जिससे प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों तक पहुंचने से पहले ही बरामद हो गए. मामले में फिलहाल दिल्ली का एक नेटवर्क ऑपरेटर और राज्य सरकार का कर्मचारी प्रकाश मिसाल फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है. अब भिवंडी कोर्ट में चार्जशीट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आगे की न्यायिक सुनवाई शुरू होगी.

 

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