गजब की चोरी : सिंचाई कर्मचारी बनकर चोरों ने लोहे के पुल पर किया हाथ साफ

बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में दिनदहाड़े लोहे का पुल चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर सिंचाई विभाग के कर्मचारी बनकर गांव में आए और जेसीबी से पुल तोड़ दिया। फिर गैस कटर से काटकर लोहा ट्रक पर लाद कर आराम से चलते बने। वहीं, विभाग को इस पूरी घटना की भनक तक नहीं लगी। चोरी के तीन दिन बाद विभाग ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

पुल तोड़ने पर गांव वालों ने उठाया सवाल

47 साल पुराना पुल जिले के नासरीगंज प्रखंड के अमियावर स्थित आरा मुख्य नहर पर बना था। पुल 100 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा था। बताया जा रहा है कि पुल में 500 टन लोहा था। चोर जब पुल तोड़ रहे थे, तब गांव वालों ने सवाल किया। इस पर चोरों ने कहा कि वे सिंचाई विभाग के कर्मचारी हैं, पुल जर्जर हो गया है। इसलिए इसे तोड़ा जा रहा है।

जेसीबी की मदद से चोरों ने पुल तोड़ा

ग्रामीणों ने बताया कि चोरों ने पुल को पहले जेसीबी से तोड़ा। फिर कटर से काटकर ट्रक पर लाद कर भाग गए। इसके बाद ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से बात की, तब मामले का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज करवाई।

हादसे में 12 लोगों की मौत बना पुल

ग्रामीण जीतेंद्र सिंह ने बताया कि पहले नहर पर कोई पुल नहीं था। लोग नाव से आर-पार जाया करते थे। साल1966 में यात्री से भरी नाव नहर के गहरे पानी में डूब गई। हादसे में करीब 12 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद 1972 से 1975 के बीच पुल का निर्माण करवाया गया।

नया पुल बनते ही आवाजाही पर लगी रोक

इस पुल के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दूसरे पुल का निर्माण किया गया। अब पुराना लोहे का पुल इस्तेमाल नहीं किया जाता था। इस कारण भी लोगों ने सोचा कि विभाग इसको हटा रहा है। मामले मे नासरीगंज थानाध्यक्ष ने कहा कि सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ने अज्ञात चोरों पर एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच की जा रही है। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुल हटाने के लिए गांव के मुखिया ने किया था आवेदन

सिंचाई विभाग के विक्रमगंज सब डिवीजन के असिस्टेंट इंजीनियर राधेशयाम सिंह ने कहा कि गांव के मुखिया ने पुल हटाने के लिए आवेदन दिया था। इसे बड़े अधिकारियों को भेज दिया गया था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई निर्देश नहीं मिले थे। इस बीच चोरों ने पुल को चुरा लिया।

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