
कानपुर । पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बीते दिनों हल्की बारिश के साथ आई तेज आंधी का असर अभी भी बरकरार है। तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे चल रहा है जो सामान्य से कम है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी चार दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने गुरुवार को बताया कि दक्षिण पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, दक्षिण पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में शाम तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अब अनुकूल हैं। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर पूर्व राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ पूर्व की ओर बढ़ रहा है। 28 मई तक पश्चिमी हिमालय के पास एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा पूर्वी बिहार से झारखंड और ओडिशा होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक फैली हुई है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र नागालैंड और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। निचले स्तरों पर एक ट्रफ रेखा उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से दक्षिण तमिलनाडु तक फैली हुई है।
बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस के साथ 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 61 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 33 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्वी रहीं जिनकी औसत गति चार किमी प्रति घंटा रही।
बताया कि भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने के कारण 26-28 मई के मध्य गरज चमक एवं धूल भरी आंधी के साथ हल्की वर्षा होने के आसार हैं। हवाओं की गति सामान्य से अधिक तेज रहने की संभावना हैं।












