
पीलीभीत-टनकपुर रेल सेक्शन सेतु भी देखा
कार्यदायी संस्था को रेल पुल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
भास्कर ब्यूरो
पीलीभीत। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन रेल सेतु पीलीभीत-टनकपुर रेल निकट ग्राम पिपरिया अगरू समेत पीलीभीत-मैलानी रेल सेक्शन सेतु का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्था से रेल सेतु की लम्बाई व लागत के सम्बन्ध में जानकारी की। साथ ही कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं।
पीलीभीत – टनकपुर रेलवे सेतु की लम्बाई 620.12 मीटर है और इसकी लागत 2490.43 लाख है। निरीक्षण के दौरान सेतु की भौतिक प्रगति के अनुसार 80 प्रतिशत कार्य कराया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये गये कि मिट्टी से समतलीयकरण का कार्य कराया जाये, रेलिंग में जंग पाये जाने पर साफ-सफाई की जाये। निर्माणाधीन पुल में रि-बाल गैप में मसाला भरने एवं अन्य मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान प्रयोग की जा रही सामाग्री व सरिया की गुणवत्ता परखी गई। इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने पीलीभीत-मैलानी रेल सेक्शन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि सेतु की लम्बाई 607.04 मीटर है और कुल लागत रू. 2680.60 लाख है। निर्माणाधीन सेतु का 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया चुका है। निरीक्षण के दौरान रि-बाल भाग में फ्रश बैरियर के बीच गैप पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। रेलवे पोर्शन में गर्डर बनाने का कार्य फर्म के जरिए प्रगति पर है। गर्डर जल्द बनवाकर लांचिग को निर्देशित किया गया। डीएम ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित करते हुये कहा कि कार्यों में तेजी लाई जाये और दोनों रेलवे पुल निर्माण माह मार्च-2023 तक पूरा कर लिया जाये। निर्माण कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई होगी।









