लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक सनकी पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी 24 वर्षीय पत्नी की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। शातिर आरोपी ने मर्डर की वारदात को छिपाने के लिए पत्नी की लाश को एक बड़े ट्रॉली बैग में पैक किया और ई-रिक्शे पर लादकर इंदिरा डैम के पास झाड़ियों में फेंक आया। इतना ही नहीं, खुद को बेकसूर साबित करने के लिए आरोपी पति चिनहट थाने पहुंच गया और पुलिस को पत्नी के लापता होने की झूठी कहानी सुनाने लगा। हालांकि, पुलिस के सामने बार-बार बयान बदलने के कारण उसकी पोल खुल गई और सख्ती से हुई पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर इंदिरा डैम के पास से ट्रॉली बैग में बंद महिला का शव बरामद कर लिया है। मृतका की पहचान 24 वर्षीय यास्मीन के रूप में हुई है, जबकि हत्यारे पति का नाम अल्ताफ उर्फ कल्लू है।
रिश्तेदार से अफेयर का था शक, आए दिन होता था विवाद
मूल रूप से सीतापुर के रहने वाले सब्जी कारोबारी मोहम्मद सईद पिछले 8 वर्षों से चिनहट में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने अपनी बेटी यास्मीन की शादी 6 साल पहले चिनहट के ही रहने वाले अल्ताफ उर्फ कल्लू के साथ की थी। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) भी हुए और सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन बीते कुछ समय से अल्ताफ अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करने लगा था। अल्ताफ को शक था कि यास्मीन का उसके ही एक करीबी रिश्तेदार के साथ प्रेम-प्रसंग (अफेयर) चल रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर घर में गृहक्लेश और मारपीट होती थी। 13 मई की रात को भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर भारी विवाद हुआ था।
तड़के 4 बजे दिया वारदात को अंजाम, ई-रिक्शा किराए पर लेकर ठिकाने लगाई लाश
पुलिस की गिरफ्त में आए हत्यारे अल्ताफ ने बताया कि विवाद के बाद 14 मई की तड़के करीब 4 बजे, जब यास्मीन गहरी नींद में सो रही थी, उसने गला दबाकर उसकी जान ले ली। यास्मीन की मौत सुनिश्चित करने के बाद अल्ताफ ने घर में रखे एक बड़े ट्रॉली बैग में उसकी लाश को मोड़कर भर दिया। हत्या के करीब एक घंटे बाद वह सुबह चिनहट बाजार पहुंचा और वहां से एक ई-रिक्शा किराए पर बुक किया। अल्ताफ ने शव से भरे उस भारी-भरकम ट्रॉली बैग को ई-रिक्शे पर लादा और इंदिरा डैम की तरफ निकल गया। इंदिरा डैम पहुंचकर वह ई-रिक्शे से उतरा और सूनी जगह देखकर बैग को डैम के किनारे घनी झाड़ियों में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देकर वह वापस घर लौट आया।
ससुराल वालों को बोला ‘भाग गई यास्मीन’, पुलिस के जाल में ऐसे फंसा हत्यारा
लाश ठिकाने लगाने के बाद शातिर अल्ताफ ने अपनी ससुराल में फोन कर बताया कि यास्मीन अचानक घर से कहीं भाग गई है। बेटी के अचानक गायब होने की खबर सुनकर घबराए मायके वालों ने अल्ताफ को तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद अल्ताफ चिनहट थाने पहुंचा और यास्मीन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को अल्ताफ की हरकतों और उसके बार-बार बदलते बयानों पर गहरा शक हुआ। थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने अल्ताफ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना खौफनाक जुर्म उगल दिया।
पिता ने दामाद और उसके परिवार पर लगाया हत्या का आरोप, जेल गया आरोपी
बेटी की बेरहमी से हत्या की खबर मिलते ही मायके परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के पिता मोहम्मद सईद ने दामाद अल्ताफ और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर मिलीभगत कर बेटी की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी की जान लेने वाले सभी दरिंदों को फांसी की सजा मिले। चिनहट थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर दहेज हत्या और हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मुख्य आरोपी अल्ताफ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।














