भारी तादाद में महिलाओं में जेल में मनाया भैया दूज का पर्व, बंदी भाइयो से मिलकर रुआंसी हुई बहने

जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

पुलिस व्यवस्था भी दिखी चाकचौबंद

भास्कर समाचार सेवा

गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश की सबसे हाईटेक डासना की जिला जेल में भारी तादाद में महिलाए अपने बन्दी भाइयो से मुलाकात के लिए पहुंची। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने  जेल सुरक्षाकर्मियों के अलावा पीएसी व बाहर की भी पुलिस का खासा इंतजाम किया हुआ था। 3624 महिला की उनके 1582 बन्दी भाइयों से मुलाकात कराई गई। 1487 बच्चें एवं 43 पुरूष ने जेल में बंद अपने महिला बहनों से मुलाकात कर भैया दूज के पर्व को  मनाया । गौरतलब है कि मंगलवार को पूरे देश भर में भाई-बहन के स्नेह और प्यार का त्योहार भैया दूज मनाया गया है। इस दिन बहन अपने भाई की लंबी आयु और अच्छी जिंदगी के लिए प्रार्थना करती है। हिंदू धर्म में भैया दूज के पर्व का खासा महत्व है।हालांकि जेल में मुलाकात को पहुंची बहन जेल में बंद अपने भाइयों को देखकर तिलक के साथ रोने लगी। मुलाकात को आई बहनों का कहना है कि कि भगवान यह दिन किसी को भी ना दिखाएं और जल्द से जल्द उनके भाई व बेटे जेल से रिहा होकर आजाद हो जाएं ।क्योंकि खुली हवा की आजादी कुछ और होती है और जेल में बंद भाइयों की लंबी उम्र की कामना भी की।  बता दे कि गाजियाबाद की डासना जेल भारत की हाईटेक जेलो में सुमार है और यहां पर मुस्लिम महिलाएं भी अपने भाइयों के साथ भैया दूज का पर्व मनाने के लिए लाइनों में खड़ी दिखाई दी है। और जेल के अंदर जाने का इंतजार करती देखी गई है। मुस्लिम महिलाओं ने बताया कि भाई बहन का त्यौहार किसी भी मजहब से परे है। जरूरी नहीं है कि हिंदू या मुस्लिम सभी धर्मों में भाई बहनों का प्यार होता है। इसीलिए हम इस त्योहार को मनाते हैं।  जेल अधीक्षक आलोक सिंह और जेलर ब्रिजेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 3624 महिला, 1487 बच्चें एवं 14 पुरूष अत्यन्त खुशी-खुशी मुलाकात करके बाहर गये। बंदियों के बाहर से आने वाले परिजनों ने कारागार की व्यवस्था की सराहना की। भैयादूज का पर्व कारागार स्टाफ की सतर्कता एवं सजगता से कुशलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और उनकी कोशिश है कि एक भी बहन अपने भाई से बिना मिले ना जा सके। गोले औऱ तिलक के समान की भी व्यवस्था की गई थी। इस अहम मौके पर जेल अधीक्षक आलोक सिंह, जेल ब्रिजेंद्र सिंह, डिप्टी जेलर शैलेश सिंह, डिप्टी जेलर एके झा, डिप्टी जेलर संजय कुमार शाही, डिप्टी जेलर विजय कुमार गौतम, जेल हेड वार्डन शिवकुमार शर्मा सहित जेल प्रशासन से जुड़े आला अधिकारी एवं कर्मचारी ने व्यवस्था बनाने में पूर्ण रुप से सहयोग किया।

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