लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के अनुज और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव (38) के आकस्मिक निधन ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और आम जनता को स्तब्ध कर दिया है। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद से ही मौत के कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ था। अब शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस रहस्य को और गहरा दिया है, जिसमें शरीर के भीतर खून के थक्के (Blood Clot) जमने और शरीर पर बाहरी चोटों की बात सामने आई है।
फेफड़ों तक पहुंचा खून का थक्का, आया कार्डियक अरेस्ट
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सीएमओ की निगरानी में गठित चार सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने प्रतीक यादव के शव का परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक के शरीर के निचले हिस्से में एक ‘ब्लड क्लॉट’ बना था, जो धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ा और फेफड़ों व धमनियों (Arteries) में गंभीर संक्रमण का कारण बना। इसी अवरोध की वजह से उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, यह थक्का अचानक कैसे बना और संक्रमण इतनी तेजी से कैसे फैला, इसके सटीक कारणों के लिए अब ‘विसरा’ सुरक्षित रख लिया गया है।
शरीर पर चोट के 7 निशान: हादसे या कुछ और?
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात प्रतीक के शरीर पर मिले चोटों के निशान हैं। डॉक्टरों के पैनल ने प्रतीक के शरीर पर कुल 7 चोटें दर्ज की हैं, जिनमें से 5 चोटें दाएं हाथ पर, एक छाती पर और एक बाईं कलाई पर मिली है। हालांकि, डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि ये चोटें गिरने की वजह से आई होंगी और इनमें से कोई भी चोट सीधे तौर पर जानलेवा नहीं थी। लेकिन सवाल यह उठता है कि वह किन परिस्थितियों में गिरे और क्या गिरने से पहले उन्हें कोई शारीरिक परेशानी हुई थी? पैनल अब इन तमाम बिंदुओं की गहन समीक्षा कर रहा है।
किचन में मिले थे बेहोश, अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें
घटनाक्रम के अनुसार, प्रतीक यादव बुधवार तड़के अपने घर के किचन एरिया में अचेत अवस्था में पाए गए थे। सुबह करीब 4:55 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने पर इमरजेंसी कॉल की गई थी, लेकिन जब तक मेडिकल टीम घर पहुंचती, तब तक काफी देर हो चुकी थी। लखनऊ सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने पुष्टि की कि उन्हें सुबह 5:55 बजे अस्पताल लाया गया था, जहाँ उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया गया।
अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की नजरें विसरा रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह साफ करेगी कि क्या इस मौत के पीछे कोई और अनसुलझा पहलू है या यह महज एक दुखद स्वास्थ्य दुर्घटना थी।












