प्रधानमंत्री फसल बीमा बनेगी सुरक्षा कवच, 31 दिसंबर तक कराएं बीमा

-सीएचसी व डाकघर से भी फसल बीमा कराने की सुविधा

मीरजापुर, (हि.स.)। रबी फसलों की बोआई का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब किसान अपनी फसलों की देखरेख में लगे हुए हैं। फसलों को प्राकृतिक नुकसान से बचाने के उपाय भी करने होंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा किसानों की फसल के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे। फसल बीमा कराने का यह आखिरी मौका है। किसान 31 दिसंबर तक बीमा करा सकेंगे।

अक्सर देखा जाता है कि किसान बड़ी मेहनत से फसलों को उगाते हैं लेकिन प्राकृतिक आपदा जैसे बारिश, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान आदि से किसानों की फसल को नुकसान हो जाता है। कई बार तो पूरी फसल ही खराब हो जाती है। ऐसे में किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना सुरक्षा कवच का काम करेगी। फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 निर्धारित की गई है।

उप कृषि निदेशक डॉ अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी की नकल, मोबाइल नंबर और बुआई का स्व-घोषित प्रमाणपत्र देकर किसान फसल का बीमा करा सकते हैं। दैवीय आपदाओं से फसलों को क्षति होने पर बीमित फसल की क्षतिपूर्ति संबंधित बीमा कंपनी करेगी।

डेढ़ प्रतिशत देना होगा प्रीमियम

किसानों को रबी फसलों पर डेढ़ प्रतिशत के हिसाब से प्रीमियम देना होगा। शेष राशि सरकार बीमा कंपनी को देगी। इस तरह किसानों की फसलों का बीमा काफी कम दर पर किया जाता है। वहीं बागवानी फसलों का बीमा भी किया जाता है, लेकिन इसकी प्रीमियम दर पांच प्रतिशत रखी गई है।

अवश्य दर्ज कराएं मोबाइल नंबर

निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय जाकर किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी ले सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट व सीएससी अथवा डाकघर से किसान फसल बीमा करा सकते हैं। बीमा कराते समय मोबाइल नंबर अवश्य दर्ज कराएं, ताकि फसल बीमा से संबंधित जानकारी मिल सके। जिस खसरा में जो फसल बोई है, उसी का बीमा कराएं। दैवीय आपदा में फसल नष्ट होने पर बीमा कंपनी और कृषि अधिकारियों को 72 घंटे में सूचना देना जरूरी है।

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