कानपुर। उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस को 250 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड मामले में बड़ी सफलता मिली है। नौ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी और आगरा के स्क्रैप कारोबारी अंचित गोयल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में आरोपी के पास से तीन फर्जी फर्मों का खुलासा हुआ है, जिनके जरिए महज डेढ़ साल के भीतर 53 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड और फर्जी जीएसटी (GST) क्लेम किया गया। मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा अमेरिका के कैलिफोर्निया की रहने वाली जेनिफर फ्लोरेंस नामक महिला के खाते में ट्रांसफर किया गया था।
3 फर्जी फर्मों से 53 करोड़ का लेन-देन, कैलिफोर्निया भेजा गया फंड
मामले का खुलासा करते हुए ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी अंचित गोयल के कब्जे से राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम और राधा ट्रेडर्स नाम से संचालित तीन फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं। वित्तीय जांच में सामने आया कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच इन फर्मों के बैंक खातों से करीब 53 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन किया गया और भारी-भरकम फर्जी जीएसटी क्लेम भी उठाया गया।
पुलिस पड़ताल में यह बात भी साफ हुई कि आरोपी अंचित ने ठगी से कमाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा विदेशों में ठिकाने लगाया। जांच के दौरान अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित जेनिफर फ्लोरेंस (Jennifer Florence) नाम की महिला के खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इन विदेशी बैंक खातों और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
BSF जवान की बेटी के खाते में 45 करोड़ का ट्रांजेक्शन, ड्राइवर ने कराई थी सरगना से मुलाकात
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि आरोपी अंचित गोयल की मुलाकात गिरोह के मुख्य सदस्य राजवीर सिंह से उसके ड्राइवर बर्रा निवासी सतीश पांडेय के जरिए हुई थी। पूर्व में जेल भेजे जा चुके सतीश पांडेय के पास से पुलिस ने 30 से अधिक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए थे। आरोपी अंचित गोयल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के स्क्रैप कारोबारियों से फर्जी जीएसटी बिल लेकर फर्जी इनकम टैक्स क्लेम लेता था और ठगी की रकम को ठिकाने लगाता था।
इसके अतिरिक्त, जांच में यह सनसनीखेज तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी ने गाजियाबाद निवासी एक BSF (सीमा सुरक्षा बल) जवान की बेटी के खाते का इस्तेमाल करते हुए पिछले एक साल में कुल 45 करोड़ रुपये का लेन-देन किया था।
प्रतिबिंब पोर्टल पर मिलीं तीन शिकायतें, आरोपी ने डिलीट किया मोबाइल डेटा
पुलिस द्वारा जब इन फर्जी फर्मों के विवरण की जांच की गई, तो गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिंब’ (Pratibimbi) पोर्टल पर बिहार के मोतिहारी, तेलंगाना के कुरनूल और महाराष्ट्र के गोरेगांव में दर्ज साइबर फ्रॉड की तीन शिकायतें इन खातों से लिंक पाई गईं।
खुद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने की खबर मिलते ही आरोपी अंचित ने अपने मोबाइल फोन का पूरा डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अब आरोपी के सभी बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि फर्जीवाड़े के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।














