
मथुरा (हि.स.)। मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन और अपर जिला जज की अदालत में गुरुवार दोपहर बाद श्री कृष्ण जन्मस्थान शाही ईदगाह मामले के दो अलग-अलग वादों पर सुनवाई हुई। सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दाखिल वाद पर सुनवाई के बाद 16 फरवरी की तारीख दे दी। वहीं, अधिवक्ता महेंद्र प्रताप के द्वारा रिवीजन के लिए दाखिल वाद पर अपर जिला जज की अदालत में सुनवाई के बाद 25 जनवरी की तारीख लगा दी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मामले को लेकर गुरुवार को जनपद के दो न्यायालय में सुनवाई हुई। वादी महेंद्र प्रताप सिंह की याचिका वाद संख्या 950 को लेकर अपर जिला न्यायालय 6 कोर्ट में कुछ देर बहस हुई थी। वादी प्रतिवादी अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित हुए लेकिन कोर्ट व्यस्त होने के कारण मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को तय की गई है जबकि दूसरी याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा की मीना मस्जिद हटाने को लेकर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में सुनवाई हुई। इंतजामिया कमेटी अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित हुए। सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड प्रतिवादी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। कोर्ट द्वारा सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड अधिवक्ता को नोटिस जारी करते हुए 16 फरवरी को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
वादी महेंद्र प्रताप सिंह ने मुस्लिम पक्ष पर आरोप लगाते हुए बताया कि हम लोगों ने रिवीजन एप्लीकेशन लगाई थी। मुस्लिम पक्ष 7 रूल 11 पर पहले सुनवाई को लेकर खड़ा हुआ है उसका कोई औचित्य नहीं है। रिवीजन पर ही सुनवाई होनी चाहिए। विवादित स्थान का पुरातत्व विभाग की टीम के द्वारा वीडियोग्राफी कराकर सर्वे होना चाहिए। न्यायालय ने दोपहर 12 बजे कुछ देर सुनवाई की। लंच होने के बाद दोपहर 2 बजे कोर्ट में व्यस्त होने के चलते मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को तय की गई।
अखिल भारत हिंदू महासभा संगठन के दिनेश शर्मा ने बताया कि मीना मस्जिद हटाने को लेकर सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान इंतजामिया कमेटी अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित हुए लेकिन सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने फिर से प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 16 फरवरी को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।











