विवि में आपदा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

  • कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में आपदाओं को कम करने के लिए जागरुकता फैलाना

आगरा।डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन इन रुरल कॉन्टेक्स्ट विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में आपदाओं को कम करने के लिए जागरुकता फैलाना था। तीन दिनों तक विशेषज्ञों ने इन्हीं विषयों पर चर्चा की। जिसमे पंचायती राज के अधिकारियों ने भी भाग लिया । जिससे कि वह ग्राम स्तर तक लोगों को जागरुक कर सकें।

राष्ट्रीय आपदा प्रशिक्षण संस्थान, दिल्ली के डॉ. आमिर अली ने बताया कि हमारा उद्देश्य गांव-गांव तक आपदा प्रबंधन के बारे में जागरुकता पहुंचाना है। इसके लिए पंचायती राज अधिकारियों को प्रशिक्षित करके गांव के लोगों को आपदाओं से निपटने के बारे में जागरुक किया जाएगा। आगरा कॉलेज के प्रो. अरुणोदय वाजपेयी ने कहा कि हमें जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन के बारे में योजनाओं को पहुंचाना होगा। पंचायती राज आपदा प्रबंधन के पाठ्यक्रम को जोड़ना होगा।

डॉ राजकुमार सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि मिट्टी हमारी सृष्टि का आधार है। ग्रामीण क्षेत्रों में हमें अपनी मिट्टी को प्रदूषित होने से बचाना होगा। यदि मिट्टी प्रदूषित हो गई तो फसल चक्र आ जाएगी और यह एक बड़ी आपदा बन सकती है।

विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने वायु प्रदूषण के बारे में बताया कि हम सभी आउटडोर वायु प्रदूषण की बात तो करते हैं, लेकिन इनडोर वायु प्रदूषण के बारे में केवल तीन प्रतिशत लोग ही जानते हैं। यह काफी घातक साबित हो सकता है। घर में चूल्हे पर पकने वाले खाने, घर में धूम्रपान करने आदि से इनडोर प्रदूषण होता है। यह हमारे फेंफड़ों के जरिए शरीर में जाता है और कई रोगों को जन्म देता है। हमें लोगों को इनडोर प्रदूषण के बारे में भी जागरुक करना होगा।

डॉ नवाबुद्दीन ने हाथ धोने और साफ सफाई रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हाथ धोने के बारे में लोगों के जागरुक न होने से विकासशील देशों में सबसे ज्यादा बच्चे डायरिया का शिकार होते हैं। हमें लोगों को हाथ धोने व शरीर की साफ-सफाई रखने के बारे में जागरुक करना होगा। इससे कई सारी बीमारियों को रोका जा सकता है।संस्थान के निदेशक डॉ मनोज कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के डीन प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. अरुणोदय वाजपेयी, डॉ अनुराग पालीवाल, डॉ हरिओम, डॉ आभा सिंह आदि उपस्थित रहे।

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