
– तापमान 44.5 डिग्री के साथ प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहा खजुराहो
भोपाल, (हि.स.)। मध्यप्रदेश में शनिवार को मौसम के दो रंग देखने को मिले। कहीं बूंदाबांदी और तेज बारिश हुई, तो आधे से ज्यादा राज्य में भीषण गर्मी ने लोगों के बेहाल कर दिया। तेज गर्मी के बीच मालवा क्षेत्र के उज्जैन, नीमच और मंदसौर जिलों में बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया। इंदौर में शनिवार रात गरज-चमक के साथ जमकर बारिश हुई। कई जगह पेड़ गिर गए और बिजली भी गुल हो गई। इधर, खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। सतना, रीवा, खंडवा और गुना में भी गर्मी के तेवर तीखे रहे।
मौसम विभाग के मानें तो अरब सागर से आ रही नमी से प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बादल बने हुए हैं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हो रही है। उधर, आंशिक बादल बने रहने के बाद भी भोपाल, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में गर्मी के तेवर तीखे हैं। शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक 44.5 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। खजुराहो देश के सबसे गर्म शहरों में पांचवें नंबर पर रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी दो दिन तक ऐसी ही प्रचंड गर्मी पड़ेगी। नौतपा पर प्रदेश में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही इस बार 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा में बारिश के आसार बन रहे हैं।
प्रदेश के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो भोपाल में शनिवार को 41.7, इंदौर में 40.1, ग्वालियर में 42.2 और जबलपुर में 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह, गुना में 42.7, खंडवा में 42.5, रीवा में 42.4, उमरिया में 42, सागर में 41.5, सतना में 42.4, धार में 41.8, बैतूल में 40.5, मंडला में 40.8, उज्जैन में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भोपाल मौसम केन्द्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि हवाओं के साथ अरब सागर से नमी मिलने के कारण इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में बादल बने हुए हैं। साथ ही वर्षा होने की भी संभावना बनी हुई है। उधर, द्रोणिका लाइन के असर से छत्तीसगढ़ से लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा भोपाल, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है।
शुक्ला के मुताबिक 24 मई को एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 25 मई से एक बार फिर प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा हो सकती है। 25 मई से दो जून तक नौतपा रहता है। इस समयावधि में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लंबवत पड़ती हैं। साथ ही 14 घंटे से अधिक समय तक सूर्य की मौजूदगी रहने से अक्सर गर्मी के तेवर तीखे रहते हैं।













