मणिपुर हिंसा पर संघ प्रमुख ने पूछा, सालों से शांत रहे मणिपुर में कौन हिंसा को भड़का रहा

– 2024 से पहले भावनाएं भड़ककर वोट हासिल करने की कोशिश


नागपुर (ईएमएस)। विजयदशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठा दिया। भागवत ने हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि सालों से शांत रहे मणिपुर में अचानक कैसे आग लग गई? खास बता है कि संसद के मॉनसून और विशेष सत्र में भी मणिपुर हिंसा का मुद्दा जमकर गूंजा था। विपक्ष मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान देने की मांग कर रहा था।


संघ प्रमुख ने मणिपुर की बिगड़ती स्थिति पर हैरानी जाहिर की। भागवत ने सवाल किए, लगभग एक दशक से शांत मणिपुर में अचानक यह आपसी फूट की आग कैसे लग गई? क्या हिंसा करने वाले लोगों में सीमापार के अतिवादी भी थे? अपने अस्तित्व के भविष्य के प्रति आशंकित मणिपुरी मैतेयी और कुकी समाज के इस आपसी संघर्ष को सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास क्यों और किसके द्वारा हुआ?


भागवत ने कहा, वर्षों से वहां पर सबकी समदृष्टि से सेवा करने में लगे संघ जैसे संगठन को बिना कारण इसमें घसीटने का प्रयास करने में किसका निहित स्वार्थ है? इस सीमा क्षेत्र में नागाभूमि व मिजोरम के बीच स्थित मणिपुर में ऐसी अशांति व अस्थिरता का लाभ प्राप्त करने में किन विदेशी सत्ताओं को रुचि हो सकती है?


भागवत ने पूछा, क्या इन घटनाओं की कारण परंपराओं में दक्षिण पूर्व एशिया की भू- राजनीति की भी कोई भूमिका है? देश में मजबूत सरकार के होते हुए भी यह हिंसा किनके बलबूते इतने दिन बेरोकटोक चलती रही है ? गत 9 वर्षों से चल रही शांति की स्थिति को बरकरार रखना चाहने वाली राज्य सरकार होकर भी यह हिंसा क्यों भड़की और चलती रही?


संघ प्रमुख के मुताबिक, आज की स्थिति में जब संघर्षरत दोनों पक्षों के लोग शांति चाह रहे हैं, उस दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठता हुआ दिखते ही कोई हादसा करवा कर, फिर से विद्वेष व हिंसा भड़काने वाली ताकतें कौनसी हैं? उन्होंने लोगों को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भावनाएं भड़काकर वोट हासिल करने की कोशिशों के प्रति आगाह किया।

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