हथेली पर ये खास निशान हो तो बनते हैं करोड़पति! शनिदेव की रहती है विशेष कृपा

ज्योतिष डेस्क: हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) के अनुसार, मनुष्य की हथेली पर बनी लकीरें और निशान केवल रेखाएं नहीं, बल्कि भाग्य के संकेत होते हैं। जिस तरह कुंडली में ग्रहों की स्थिति महत्वपूर्ण होती है, उसी तरह हथेली पर मौजूद पर्वत (Mounts) व्यक्ति के जीवन की दिशा तय करते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है ‘शनि पर्वत’। यदि आपकी हथेली में शनि पर्वत की स्थिति मजबूत है, तो समझ लीजिए कि न्याय के देवता शनि देव आप पर मेहरबान हैं। ऐसे लोग न केवल पद-प्रतिष्ठा पाते हैं, बल्कि अपार धन-संपत्ति के मालिक भी बनते हैं।

उभरा हुआ शनि पर्वत: सफलता और अनुशासन की गारंटी

हस्तरेखा विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों की हथेली में मध्यमा उंगली (Middle Finger) के ठीक नीचे वाला हिस्सा यानी शनि पर्वत उभरा हुआ और स्पष्ट होता है, वे बेहद भाग्यशाली होते हैं। ऐसे व्यक्ति स्वभाव से काफी मेहनती, गंभीर और अनुशासन प्रिय होते हैं। शनि देव की कृपा से इन्हें कम मेहनत में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल होती हैं। आमतौर पर ऐसे लोगों का भाग्योदय 35 वर्ष की आयु के बाद होता है, जिसके बाद वे जीवन के सभी भौतिक सुखों का आनंद लेते हैं। जमीन-जायदाद और अचल संपत्ति के मामलों में भी ये लोग काफी धनी होते हैं।

भाग्य रेखा और शनि पर्वत का अद्भुत संयोग

हथेली पर ग्रहों के पर्वतों का अपना महत्व है, लेकिन अगर मणिबंध (कलाई के पास) से निकलकर कोई सीधी रेखा सीधे शनि पर्वत तक पहुँचती है, तो इसे ‘राजयोग’ के समान माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, ऐसे लोग अकूत धन के स्वामी होते हैं। इनके पास आय के एक नहीं बल्कि कई स्रोत होते हैं। इनका भाग्य इतना प्रबल होता है कि ये जिस भी कार्य में हाथ डालते हैं, वहां से धन की वर्षा होने लगती है। मेहनत और किस्मत का ऐसा मेल विरले ही लोगों की हथेलियों में देखने को मिलता है।

शनि पर्वत पर त्रिशूल: अचानक धन लाभ और प्रसिद्धि का संकेत

अगर आपके शनि पर्वत पर ‘त्रिशूल’ का निशान बना है, तो यह सोने पर सुहागा जैसा है। ज्योतिष शास्त्र में शनि पर्वत पर त्रिशूल के निशान को अत्यंत दुर्लभ और शुभ माना गया है। ऐसे व्यक्तियों को जीवन में कई बार अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) होता है। इन्हें समाज में मान-सम्मान और बड़ी ख्याति प्राप्त होती है। साथ ही, ऐसे लोगों को पैतृक संपत्ति मिलने के भी प्रबल योग होते हैं। त्रिशूल का निशान व्यक्ति को आध्यात्मिक और परोपकारी भी बनाता है, जिससे वे हमेशा धर्म के मार्ग पर चलते हुए दूसरों की मदद करते हैं।

इन पर्वतों का भी रखें ध्यान

शनि पर्वत के अलावा हथेली पर सूर्य, बुध और गुरु पर्वत का भी विशेष महत्व होता है। जहाँ गुरु पर्वत ज्ञान और नेतृत्व क्षमता देता है, वहीं सूर्य पर्वत मान-सम्मान और बुध पर्वत व्यापारिक कुशलता का प्रतीक है। लेकिन अगर शनि पर्वत मजबूत हो, तो व्यक्ति के जीवन में स्थिरता और न्याय का संतुलन बना रहता है। शनि देव की कृपा पाने के लिए ऐसे लोगों को हमेशा कर्म प्रधान रहना चाहिए और जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए।

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