
इंदौर। मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (DAVV) के गर्ल्स हॉस्टल से एक रूह कपा देने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। हॉस्टल की मर्यादा को तार-तार करते हुए एक छात्रा पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वह न केवल वीडियो कॉल के जरिए आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त थी, बल्कि दूसरी छात्राओं को भी अनजान युवकों से दोस्ती करने और ‘खास’ मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर रही थी। मामला गरमाता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी छात्रा को तुरंत प्रभाव से हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है।
आधी रात को वीडियो कॉल और कमरे में अश्लील हरकतें
यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। छात्राओं का आरोप है कि फर्स्ट ईयर की एक छात्रा देर रात तक मोबाइल पर वीडियो कॉल करती थी और इस दौरान वह आपत्तिजनक हरकतें करती थी। सबसे ज्यादा असहज करने वाली बात यह थी कि वह यह सब तब करती थी जब कमरे में अन्य छात्राएं भी मौजूद होती थीं। इससे हॉस्टल का माहौल पूरी तरह खराब हो रहा था और अन्य छात्राओं को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था।
अनजान युवकों से दोस्ती का दबाव और ‘मोबाइल ऐप’ का जाल
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी छात्रा केवल खुद तक सीमित नहीं थी। वह हॉस्टल की अन्य लड़कियों को भी टारगेट कर रही थी। शिकायत के मुताबिक, वह छात्राओं पर ‘कॉलेज लाइफ एन्जॉय’ करने के नाम पर बॉयफ्रेंड बनाने और एक विशिष्ट मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अनजान पुरुषों से बात करने का दबाव बनाती थी। प्रशासन को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट या डिजिटल हनीट्रैप जैसी साजिश भी हो सकती है। सुरक्षा के लिहाज से इसे बेहद गंभीर माना जा रहा है।
5 छात्राओं की हिम्मत और 10 से ज्यादा लिखित शिकायतें
शुरुआत में एक छात्रा ने हिम्मत दिखाकर इसकी शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन जैसे ही मामला खुला, शिकायतों की झड़ी लग गई। यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर राकेश सिंघई के पास करीब 5 छात्राओं ने सीधे तौर पर और 10 से ज्यादा छात्राओं ने लिखित में इस छात्रा के खिलाफ गवाही दी। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में रहना उनके लिए असुरक्षित होता जा रहा था। प्रशासन ने तुरंत एक इंटरनल जांच कमेटी बनाई, जिसने छात्रा के कमरे की तलाशी ली, जहां से कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद होने की भी सूचना है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: क्या यह ‘अजमेर कांड’ जैसी साजिश?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसे अनुशासन का सबसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए छात्रा को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वीसी राकेश सिंघई ने स्पष्ट किया कि कैंपस और हॉस्टल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, सोशल मीडिया पर इस खबर के फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स इसकी तुलना ‘अजमेर कांड’ और ‘द केरला स्टोरी’ जैसी घटनाओं से कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसके पीछे किसी गहरी साजिश की जांच होनी चाहिए ताकि अन्य मासूम छात्राओं को इस जाल में फंसने से बचाया जा सके।
डिजिटल व्यवहार और हॉस्टल नियमों में होगा बड़ा बदलाव
इस घटना के बाद देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी अब अपने हॉस्टल नियमों को और भी सख्त करने की तैयारी में है। खासकर स्मार्टफ़ोन के इस्तेमाल और बाहरी लोगों से संपर्क को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इस कार्रवाई ने प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों को भी सतर्क कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग अब करियर खत्म कर सकता है।













