नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बारूद की गंध ने अब दुनिया भर के बाजारों में हलचल मचा दी है। ईरान और इजरायल के बीच जारी खूनी संघर्ष का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। एक तरफ जहां कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने पेट्रोल-डीजल की महंगाई का डर पैदा कर दिया है, वहीं सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने गोता लगाया है। इस बीच, ईरान की एक चेतावनी ने भारत सहित पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
सोने की कीमतों में भारी गिरावट: दिल्ली के बाजारों का हाल
यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। सर्राफा बाजार में आज सोने के दाम में भारी गिरावट देखी गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,390 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है, जो कल के मुकाबले 5300 रुपये सस्ती हुई है। वहीं चांदी की बात करें तो आज इसकी कीमत 284.90 रुपये प्रति ग्राम यानी 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।
एक्सपर्ट की राय: ब्रिकवर्क रेटिंग्स के विशेषज्ञ राजीव शरण का मानना है कि जब तक युद्ध का तनाव बना रहेगा, कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को गिरावट के दौरान धीरे-धीरे निवेश करने की सलाह दी जाती है।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर ईरान का दावा: 20% तेल सप्लाई पर संकट
ऊर्जा बाजार के लिए सबसे डरावनी खबर ईरान से आई है। ईरान ने दक्षिण में स्थित दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर पूरी तरह कब्जे का दावा किया है। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस रास्ते से जहाजों को नहीं गुजरने देगा। यदि यह सप्लाई रुकती है, तो पूरी दुनिया में ईंधन के लिए हाहाकार मच सकता है।
क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल और डीजल?
भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से आधा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। हालांकि, दिल्ली में फिलहाल कीमतें स्थिर हैं। पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी 853 रुपये पर टिकी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वस्त किया है कि भारत सरकार वैश्विक बाजार पर नजर बनाए हुए है और देश में सप्लाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
कितने दिनों का ‘बैकअप’ है भारत के पास?
युद्ध की स्थिति में भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास फिलहाल 8 हफ्तों का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार मौजूद है। इसमें:
-
25 दिन का कच्चा तेल भंडार।
-
25 दिन का पेट्रोल-डीजल स्टॉक।
इसके अलावा, भारत अब रूस, अमेरिका, कनाडा और पश्चिम अफ्रीका सहित 40 से अधिक देशों से तेल खरीदकर अपने स्रोतों को सुरक्षित कर रहा है।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड का खेल
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99 के करीब पहुंच गया है, जो एक महीने का उच्च स्तर है। वहीं 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.11 प्रतिशत तक पहुंच गई है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने-चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बढ़ता है, यही वजह है कि आज सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।















