देश पर ‘बायो-टेरर’ का साया: NIA का बड़ा खुलासा, डॉक्टर ने घर में बना ली थी जहर की लैब….RSS मुख्यालय और दिल्ली समेत कई शहर थे निशाने पर

अहमदाबाद/हैदराबाद: नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आईएसआईएस (ISIS) के एक ऐसे खौफनाक मंसूबे को नाकाम किया है, जो देश में हजारों लोगों की जान ले सकता था। बुधवार को अहमदाबाद की विशेष NIA अदालत में दाखिल चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आतंकी समूह भारत में ‘बायो-टेररिज्म’ (Bio-Terrorism) यानी जैविक हमले की तैयारी कर रहा था। इस साजिश का मास्टरमाइंड हैदराबाद का एक डॉक्टर निकला, जिसने अपने ही घर को मौत की लैब में तब्दील कर दिया था।

डॉक्टर बना ‘बायो-आतंकी’, घर में बना रहा था घातक ‘रिसिन’

चार्जशीट के मुताबिक, हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहीउद्दीन ने अपने घर में एक गुप्त प्रयोगशाला बना रखी थी। यहां वह ‘रिसिन’ (Ricin) नामक एक अत्यंत घातक जैविक टॉक्सिन तैयार कर रहा था। रिसिन इतना जहरीला होता है कि इसकी मामूली मात्रा भी हजारों लोगों को मौत की नींद सुला सकती है। NIA का दावा है कि मोहीउद्दीन को दक्षिण एशिया में ISIS का ‘अमीर’ (सरगना) बनाने का लालच दिया गया था।

चार्जशीट में तीन मुख्य आरोपियों के नाम

NIA ने इस मामले में तीन लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है:

  1. डॉ. सैयद अहमद मोहीउद्दीन (हैदराबाद): रिसिन लैब का संचालक और मुख्य साजिशकर्ता।

  2. मोहम्मद सुहेल (उत्तर प्रदेश): मॉड्यूल की मुख्य कड़ी, जो युवाओं की भर्ती और प्रोपेगेंडा वीडियो बनाने का काम करता था।

  3. आजाद (उत्तर प्रदेश): विदेशी हैंडलर्स से संपर्क और हथियारों की सप्लाई का जिम्मा।

‘बायो-हथियारों’ से सामूहिक हत्याकांड की थी साजिश

जांच एजेंसी के अनुसार, ये तीनों आरोपी विदेशी हैंडलर्स के सीधे निर्देश पर काम कर रहे थे। इनकी योजना सार्वजनिक स्थानों पर रिसिन जहर का इस्तेमाल कर सामूहिक हत्याएं करने की थी। इसके अलावा, आरोपियों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से अवैध हथियार और नकदी इकट्ठा कर गुजरात के छत्राल में जमा किए थे। सुहेल ने आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग जुटाने और संभावित ठिकानों की रेकी करने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

क्या है बायो-टेररिज्म? (Bio-Terrorism)

बायो-टेररिज्म आतंकवाद का वह रूप है जिसमें बैक्टीरिया, वायरस या जहरीले जैविक पदार्थों (जैसे रिसिन) का इस्तेमाल जानबूझकर लोगों, पशुओं या फसलों को मारने के लिए किया जाता है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि इसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है और यह चुपचाप हजारों लोगों को प्रभावित कर सकता है।

RSS मुख्यालय और दिल्ली समेत कई शहर थे निशाने पर

इससे पहले दिसंबर 2025 में गुजरात ATS की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इस नेटवर्क के निशाने पर:

  • लखनऊ: RSS का प्रदेश मुख्यालय।

  • अहमदाबाद: नरोडा का व्यस्त इलाका।

  • दिल्ली: आजाद मैदान।

NIA की इस कार्रवाई ने देश में आतंकवाद के बदलते और घातक स्वरूप की ओर इशारा किया है। एजेंसी अब इस नेटवर्क के अन्य सहयोगियों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है।

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