
वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच का संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। युद्ध के आठवें दिन संघर्ष का दायरा इतना बढ़ गया है कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है। इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को नेस्तनाबूद करना जारी रखा है, वहीं अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाएं ईरान के सैन्य अड्डों और मिसाइल फैक्ट्रियों पर कहर बनकर टूट रही हैं।
‘आज रात होगा सबसे बड़ा हमला’: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का बड़ा बयान
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में जो खुलासा किया है, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। बेसेंट ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले की तैयारी कर चुका है। उन्होंने इसे ‘सबसे बड़ा बमबारी अभियान’ करार देते हुए कहा, “आज रात हम ईरान के मिसाइल लॉन्चरों और उन कारखानों को मटियामेट कर देंगे जो मिसाइलें बनाते हैं।” इस बयान के बाद तेहरान में हड़कंप मच गया है।
तेहरान में तबाही का मंजर, 1000 से ज्यादा मौतें और सर्वोच्च नेता का शोक टला
ईरान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं। भारी बमबारी के कारण अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। तेहरान और कोम जैसे शहर मलबे के ढेर में तब्दील होते दिख रहे हैं। युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी, लेकिन लगातार हो रहे हमलों के कारण उनका शोक समारोह तक टालना पड़ा है। फिलहाल ईरान में नए नेतृत्व को लेकर भारी अनिश्चितता और हलचल बनी हुई है।
निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी की एंट्री: ‘इस्लामिक गणराज्य का पतन तय’
ईरान के भीतर मचे घमासान के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने पड़ोसी अरब देशों पर ईरान के मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रवीयता का उल्लंघन बताया। पहलवी ने घोषणा की है कि वे ईरानी जनता के उस जनादेश को स्वीकार करते हैं, जो उन्हें इस्लामिक गणराज्य के पतन के बाद देश का नेतृत्व करने के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि पांच दशकों से जारी अराजकता अब समाप्त होनी चाहिए।
समंदर में बढ़ी हलचल: तीसरा अमेरिकी विमानवाहक पोत रवाना
हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सैन्य शक्ति और बढ़ा दी है। अमेरिका का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर USS George HW Bush मिडिल ईस्ट के लिए रवाना हो चुका है। इसके साथ ही, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए इजरायल को 151.8 मिलियन डॉलर के घातक हथियारों (12,000 शक्तिशाली बमों) की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कांग्रेस की समीक्षा तक का इंतजार नहीं किया गया।
तेल की कीमतों में लगी आग, ट्रंप बोले- ‘सरेंडर करो’
युद्ध का सबसे भयावह असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई 90% तक ठप हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव एक ही दिन में 8.5% बढ़कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह युद्ध तभी रुकेगा जब ईरान ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ (Unconditional Surrender) करेगा। हालांकि, ट्रंप ने अभी ईरान में जमीनी सेना भेजने पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है।














