ईरान-अमेरिका में आर-पार की जंग! ट्रंप का नौसेना को सख्त आदेश- ‘सुरंग बिछाने वाली नावों को देखते ही उड़ा दो’

तेहरान/वाशिंगटन/लंदन: पश्चिम एशिया में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए अमेरिकी नौसेना को ‘शूट टू किल’ के आदेश जारी कर दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अगर ईरान की कोई भी नाव बारूदी सुरंगें बिछाती हुई या संदिग्ध गतिविधि करती नजर आए, तो उसे बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत तबाह कर दिया जाए। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच का टकराव अब हिंद महासागर तक फैल चुका है।

हिंद महासागर में अमेरिकी कार्रवाई: ईरानी तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक एक्स’ जब्त

अमेरिका और ईरान के बीच अस्तित्व की लड़ाई अब केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रही। पेंटागन ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर से ईरान के एक और तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक एक्स’ को अपने कब्जे में ले लिया है। फॉक्स न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें अमेरिकी सैनिक टैंकर के डेक पर ऑपरेशन को अंजाम देते नजर आ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई उसी स्थान के पास हुई है, जहां कुछ समय पहले ‘टिफनी’ नामक टैंकर को जब्त किया गया था। पेंटागन ने दो टूक कहा है कि ईरान के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए वैश्विक समुद्री निगरानी जारी रहेगी।

ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पर वार: “छोटी हो या बड़ी, नाव को मार गिराओ”

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य आदेश की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “मैंने यूनाइटेड स्टेट्स नेवी को निर्देश दिया है कि समुद्री मार्ग में बाधा डालने वाली किसी भी ईरानी नाव को, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, तुरंत निशाना बनाया जाए। इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” ट्रंप ने पहले संघर्ष विराम बढ़ाकर बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन ईरान के अड़ियल रुख और बातचीत की मेज पर आने से इनकार के बाद अब अमेरिका ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।

ब्रिटेन और फ्रांस ने कसी कमर: ‘कठोर सैन्य विकल्प’ ही रास्ता

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बिरादरी भी हरकत में आ गई है। लंदन में आयोजित एक महत्वपूर्ण सैन्य बैठक में ब्रिटेन और फ्रांस ने दो टूक कहा है कि अब केवल कूटनीति से काम नहीं चलेगा। ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने संयुक्त बयान जारी कर सैन्य रणनीतिकारों से “व्यावहारिक और कड़े सैन्य विकल्पों” पर काम करने को कहा है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।

लंदन में जुटी दुनिया भर की सेनाएं: बड़े ऑपरेशन की तैयारी?

उत्तरी लंदन के नॉर्थवुड स्थित यूके के स्थायी संयुक्त मुख्यालय में दर्जनों देशों के सैन्य अधिकारी इस समय गुप्त मंत्रणा कर रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य एजेंडा होर्मुज जलमार्ग को फिर से सुरक्षित करना है। ईरान की घेराबंदी तेज हो गई है और पश्चिमी देशों की यह सक्रियता संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में समुद्र में बड़ी सैन्य कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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