
नई दिल्ली। एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और किचन को स्मार्ट बनाने की होड़ में आज लगभग हर घर में इंडक्शन चूल्हा (Induction Cooktop) अपनी जगह बना चुका है। यह खाना बनाने में तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक तो है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही इसे कबाड़ में बदल सकती है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका इंडक्शन सालों-साल चले और बिजली का बिल भी कम आए, तो आपको कुछ अनजानी गलतियों से बचना होगा। अक्सर लोग अनजाने में ऐसी भूल कर बैठते हैं जिससे न केवल डिवाइस खराब होता है, बल्कि शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है।
गलत बर्तन और सफाई में लापरवाही पड़ेगी भारी
इंडक्शन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसका ऊपरी सिरामिक ग्लास होता है। इस पर हमेशा फ्लैट बॉटम (सपाट तल) वाले और ‘इंडक्शन फ्रेंडली’ बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए। भूलकर भी एल्युमिनियम या तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये इसकी सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, खाना बनाने के बाद कांच पर गिरे दाग-धब्बों को तुरंत साफ करना जरूरी है। ध्यान रहे, सफाई के लिए कभी भी लोहे के जूने या किसी नुकीली चीज का प्रयोग न करें, वरना कांच पर पड़े स्क्रैच इसकी कार्यक्षमता को खत्म कर देंगे।
गीले हाथ और ओवरलोडिंग: शॉर्ट सर्किट को दावत
इंडक्शन एक संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। इसे कभी भी गीले हाथों से न छुएं और न ही इसके बटनों को दबाएं, क्योंकि इससे शॉर्ट सर्किट या करंट लगने का डर रहता है। हर इंडक्शन की अपनी एक भार क्षमता (Weight Capacity) होती है। इस पर बहुत भारी बर्तन या झटके से कुकर रखने से इसका ऊपरी ग्लास चटक सकता है। इंडक्शन पर निर्धारित वजन से ज्यादा बोझ रखना इसकी उम्र को आधा कर देता है।
वेंटिलेशन की कमी और ‘खाली’ चलाना है खतरनाक
इंडक्शन के अंदर एक पंखा लगा होता है जो इसकी इंटरनल कॉइल्स को ठंडा रखता है। इसे कभी भी ऐसी जगह न रखें जहां हवा का रास्ता बंद हो, क्योंकि ओवरहीटिंग की वजह से मशीन के अंदरूनी हिस्से जल सकते हैं। एक और बड़ी गलती है—बिना बर्तन रखे इंडक्शन को चालू छोड़ देना। इससे इसकी कॉइल्स अत्यधिक गर्म हो जाती हैं और मदरबोर्ड जलने का खतरा रहता है।
प्लग निकालने की जल्दी और वोल्टेज का उतार-चढ़ाव
अक्सर लोग खाना पकते ही तुरंत मेन स्विच बंद कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है। खाना पकने के बाद भी इंडक्शन का पंखा कुछ देर तक चलता है ताकि अंदर की गर्मी बाहर निकल सके। पंखा पूरी तरह बंद होने के बाद ही प्लग निकालें। साथ ही, वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के समय इसका उपयोग करने से बचें, क्योंकि हाई वोल्टेज सीधा इसके कीमती मदरबोर्ड को फूंक सकता है।














