लखनऊ। राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में महिला से मोबाइल लूट कर दहशत फैलाने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने रविवार को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। 20 मार्च की शाम हुई इस वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद मुख्य आरोपी अर्जुन रावत उर्फ गंगाधर पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस और बदमाश के बीच हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्यूटी पर जा रही महिला से छीना था मोबाइल
तेलीबाग के सेनानी विहार स्थित किया कार शोरूम के पास 20 मार्च को यह वारदात हुई थी। पीड़िता प्रीति सिंह शाम के वक्त फोन पर बात करते हुए अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं। इसी दौरान पल्सर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया और रफूचक्कर हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे।
घेराबंदी देख पुलिस पर झोंका फायर
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि आरोपी डिफेंस एक्सपो ग्राउंड सेक्टर-15 नहर रोड की तरफ से निकलने वाला है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख शातिर आरोपी अर्जुन रावत ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वह बाइक समेत गिर पड़ा।
बरामदगी और आरोपी का काला चिट्ठा
पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया रियलमी मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त पल्सर 125 बाइक, एक अवैध .315 बोर का तमंचा, कारतूस और 1200 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अर्जुन रावत उर्फ गंगाधर एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में 7 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
फरार साथियों की तलाश में छापेमारी
डीसीपी दक्षिणी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान पुख्ता की गई थी। इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार साथियों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।











