यूपी में सफेद कोट के पीछे ‘आतंकी’ चेहरा: ISIS से जुड़ा डेंटल छात्र हारिश अली 5 दिन की रिमांड पर, खुलेगा खौफनाक नेटवर्क

लखनऊ/मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) को आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के स्लीपर सेल को ध्वस्त करने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी मिली है। मुरादाबाद के कोठीवाल डेंटल कॉलेज से गिरफ्तार किए गए बीडीएस (BDS) द्वितीय वर्ष के छात्र हारिश अली को एनआईए (NIA) कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एटीएस अब सफेद कोट की आड़ में देश के खिलाफ रची जा रही साजिशों की परतें खंगालेगी। हारिश से पूछताछ में फंडिंग, नेटवर्क और उसके हैंडलर्स को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

कॉलेज कैंपस से गिरफ्तारी और सफेद कोट का काला सच

मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला हारिश अली मुरादाबाद के सिविल लाइंस स्थित प्रतिष्ठित कोठीवाल डेंटल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था। किसी को कानोकान खबर नहीं थी कि भविष्य का यह डॉक्टर प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS की जहरीली विचारधारा से पूरी तरह संक्रमित हो चुका है। 15 मार्च को एटीएस लखनऊ की टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर कॉलेज परिसर में छापा मारा और हारिश को दबोच लिया। शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।

डिजिटल साक्ष्यों ने उगले राज: लैपटॉप और आईपैड में मिला बारूद

एटीएस की टीम ने हारिश के ठिकाने से मोबाइल फोन, आईपैड, लैपटॉप और पेन ड्राइव जैसे कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। फॉरेंसिक जांच में इन उपकरणों से कई संदिग्ध चैट, जिहादी वीडियो और आपत्तिजनक सामग्री मिली है। सूत्रों का दावा है कि हारिश न केवल कट्टरपंथी सामग्री को सोशल मीडिया पर फैला रहा था, बल्कि वह ‘डार्क वेब’ और गोपनीय ऐप के जरिए अंतरराष्ट्रीय हैंडलर्स के संपर्क में भी था। एटीएस अब यह पता लगा रही है कि हारिश के निशाने पर उत्तर प्रदेश के कौन से महत्वपूर्ण संस्थान या धार्मिक स्थल थे।

सहारनपुर और मुरादाबाद में छापेमारी की तैयारी

कोर्ट से 5 दिन की रिमांड मिलने के बाद अब एटीएस हारिश अली को लेकर उसके पैतृक निवास सहारनपुर और गतिविधियों के केंद्र मुरादाबाद जाएगी। जांच एजेंसियां उन लोगों की सूची तैयार कर रही हैं जो हारिश के साथ लगातार संपर्क में थे। संदेह जताया जा रहा है कि कॉलेज के कुछ अन्य छात्र या बाहरी लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। रिमांड के दौरान एटीएस की कोशिश हारिश के ‘फंडिंग रूट’ का पता लगाने की है, ताकि यह साफ हो सके कि उसे देश विरोधी गतिविधियों के लिए पैसा कहां से और किस जरिए से मिल रहा था।

बड़े खुलासे की उम्मीद, एजेंसियां अलर्ट पर

हारिश की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। माना जा रहा है कि रिमांड की अवधि समाप्त होने से पहले एटीएस कुछ और संदिग्धों को हिरासत में ले सकती है। यह मामला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि आतंकी संगठन अब उच्च शिक्षण संस्थानों के युवाओं को बरगलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे ऑपरेशन की खुद निगरानी कर रहे हैं।

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