
अलीगढ़ । ताला और तालीम की नगरी अलीगढ़ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह शिक्षा नहीं बल्कि शिक्षा के मंदिर में पनप रहा अपराध है। एफएम टावर के पास हुई फायरिंग की घटना की जांच करते हुए जब पुलिस के कदम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के सर जियाउद्दीन हॉल तक पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। हॉस्टल के एक कमरे से न केवल अवैध हथियार, बल्कि नकली नोट और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इस खुलासे ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामूली विवाद से शुरू हुआ ‘खूनी खेल’, घर तक पहुंची फायरिंग
इस पूरे मामले की जड़ अनूपशहर रोड स्थित एक्वा वाटर पार्क के बाहर हुए एक छोटे से विवाद में छिपी है। जानकारी के मुताबिक, गाड़ी हटाने को लेकर शाहिद अली और कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। यह मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि अगले दिन हमलावरों ने बदला लेने की नीयत से शाहिद अली के घर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फैसल, अशरफ और साकिब को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
हॉस्टल के कमरे से मिला ‘बारूद और धोखे’ का जखीरा
गिरफ्तार आरोपियों से मिली लीड के आधार पर जब पुलिस ने सर जियाउद्दीन हॉल में दबिश दी, तो मुख्य आरोपी शहबाज पुलिस के आने की भनक लगते ही फरार हो गया। तलाशी के दौरान उसके कमरे से दो देसी पिस्टल की मैगजीन, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, छह नकली नोट, आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई संदिग्ध शैक्षणिक दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हॉस्टल के भीतर नकली नोटों का यह खेल कब से चल रहा था और इसके तार कहां-कहां जुड़े हैं।
छात्रों को डरा-धमका कर बनाया ‘सेफ हाउस’
सीओ सिटी सर्वम सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी शहबाज ने हॉस्टल में अपना खौफ कायम कर रखा था। उसने अन्य छात्रों को डरा-धमका कर कमरा खाली कराया था और उसे अपनी आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बना लिया था। हॉस्टल के भीतर हथियार और नकली नोटों की मौजूदगी ने कैंपस की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही उजागर की है।
नेटवर्क की तलाश में पुलिस, फरार शहबाज पर कसता शिकंजा
पुलिस अब बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन्स को खंगाल रही है ताकि शहबाज और उसके नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक फायरिंग का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह के होने की आशंका है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है ताकि यूनिवर्सिटी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों को सबक मिल सके।










