लखनऊ/बिजनौर: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राज्य को दहलाने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश को नाकाम कर दिया है। यूपी एटीएस (ATS) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने बिजनौर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो राजधानी लखनऊ के मुख्य रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की फिराक में थे। समय रहते हुई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया है।
लखनऊ रेलवे स्टेशन था आतंकियों के निशाने पर
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध, उवैद मलिक और जलाल हैदर उर्फ समीर, लखनऊ रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की पूरी तैयारी कर चुके थे। इनका मकसद भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाका कर दहशत फैलाना था। सुरक्षा एजेंसियों को इनके पास से कई अहम सुराग मिले हैं, जो इनके खतरनाक इरादों की पुष्टि करते हैं।
दुबई से पाकिस्तान तक फैला है साजिश का जाल
एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा ‘आकिब’ है। आकिब सीधे तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय युवाओं को चिन्हित करता और उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की राह पर धकेलता था।
पुराने वीडियो ने खोला राज, AK-47 के साथ आए थे नजर
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ नवंबर 2025 में वायरल हुए एक वीडियो से आया। इस वीडियो में आरोपी AK-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड जैसे घातक हथियारों के साथ नजर आए थे। इसी वीडियो को आधार बनाकर सुरक्षा एजेंसियों ने एक पुराने बंद हो चुके केस को दोबारा खोला और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता हासिल की।
विदेशों में छिपे साथियों पर शिकंजा, लुकआउट नोटिस जारी
गिरफ्तारी के बाद अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। मामले में दो अन्य संदिग्ध, मैजुल और आजाद, वर्तमान में क्रमशः दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब में छिपे हुए हैं। इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (Lookout Circular) जारी कर दिया गया है। साथ ही नजीबाबाद के समीर उर्फ रुहान की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के पासपोर्ट रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से न केवल यूपी बल्कि देश में अस्थिरता फैलाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को विफल कर दिया गया है।












