
लखनऊ (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 में बुधवार की शाम कुदरत का कहर नहीं, बल्कि आग का तांडव देखने को मिला। सड़क किनारे स्थित एक अवैध बस्ती में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 200 से ज्यादा परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई इस चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में ऐसा विकराल रूप लिया कि पूरी बस्ती श्मशान में तब्दील हो गई।
‘मस्जिद नुमा’ झोपड़ी से भड़की आग, सिलेंडरों के धमाकों से कांपा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत एक ‘मस्जिद नुमा’ झोपड़ी से हुई थी। चूंकि ये झोपड़ियां फूस, प्लास्टिक और तिरपाल से बनी थीं, इसलिए आग को फैलने में कुछ ही सेकंड लगे। आग इतनी भीषण थी कि बस्ती में रखे रसोई गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। बताया जा रहा है कि करीब 100 सिलेंडरों के फटने से हुए धमाकों ने आसपास की पक्की इमारतों को भी हिला कर रख दिया। लोग अपने बच्चों को गोद में लेकर जान बचाने के लिए बदहवास भागते नजर आए।
#WATCH | Uttar Pradesh Deputy CM Brajesh Pathak says, "This is a massive fire. More than 20 fire tenders are present here. Firefighting operations are underway. Fire officers are also here. Chief Medical Officer is also here. Ambulances have been called here. We are rushing… https://t.co/xJ2p5cHeI5 pic.twitter.com/FtQmTsS595
— ANI (@ANI) April 15, 2026
बेजुबान मवेशी जिंदा जले, लापता बच्चों की तलाश में सर्च ऑपरेशन
इस हृदय विदारक घटना में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। खूंटे से बंधी करीब 50 बकरियां और दो गायें आग की लपटों में जिंदा जल गईं। वहीं, इलाके में चीख-पुकार के बीच कुछ बच्चों के लापता होने की भी सूचना है, जिसके चलते प्रशासन और SDRF की टीमें मलबे में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पास के 30 पक्के मकानों को भी खाली करा लिया है।
प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा: 1 घंटे बाद पहुंची दमकल
हादसे के दौरान पुलिस और दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के एक घंटे बाद तक कोई मदद नहीं पहुंची। इस देरी के कारण सैकड़ों झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जनता के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख डीजी फायर सुजीत पांडेय और पुलिस कमिश्नर को खुद कमान संभालनी पड़ी।
CM योगी और राजनाथ सिंह ने दिए निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने जिलाधिकारी से फोन पर बात कर तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पीड़ितों की सहायता और घायलों के समुचित उपचार के लिए निर्देशित किया है। उपमुख्यमंत्री ने भी घटनास्थल का दौरा कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
फिलहाल, दमकल की 22 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है, लेकिन कूलिंग का काम अभी भी जारी है। प्रशासन बेघर हुए सैकड़ों लोगों के लिए रैन बसेरों और भोजन की व्यवस्था करने में जुटा है।














